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Kurukshetra News: प्रशासन नोटिस थमाने के दावों तक सिमटा, कोचिंग संस्थानों में ताक पर हैं सुरक्षा के मानक

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कुरुक्षेत्र। जिले में कोचिंग संस्थानों की बढ़ती संख्या के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आ रही है। जिले में करीब 350 कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनमें अधिकांश बेसमेंट, पहली और दूसरी मंजिल या तीन मंजिला इमारतों में चल रहे हैं। इनमें से केवल तीन कोचिंग संस्थानों के पास ही दमकल विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) है, जबकि शेष संस्थान बिना फायर सेफ्टी मंजूरी के ही संचालित हो रहे हैं, इसके बावजूद प्रशासन नोटिस थमाए जाने के दावों तक ही सिमटा है।
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80 प्रतिशत कोचिंग संस्थान किराये के भवनों में चल रहे हैं, जहां सुरक्षा मानकों की स्थिति और भी चिंताजनक है। अधिकांश संस्थानों में न तो अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं और न ही आपातकालीन निकास की व्यवस्था है। कई स्थानों पर छात्र संकरी सीढि़यों से होकर कक्षाओं तक पहुंचते हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।

दमकल विभाग के नियमों के अनुसार बहुमंजिला और भूमिगत भवनों में संचालित शैक्षणिक संस्थानों के लिए फायर एनओसी, अलार्म सिस्टम, वेंटिलेशन और सुरक्षित निकासी मार्ग अनिवार्य हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों की अनदेखी की जा रही है। वहीं अब लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद जिला दमकल विभाग ऐसे कोचिंग संस्थानों की पहचान करने के लिए अभियान चलाएगा और उनका निरीक्षण कर उन्हें नोटिस थमाने की तैयारी में हैं।
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अभी होटलों का किया जा रहा निरीक्षण : संदीप
जिला दमकल अधिकारी संदीप ग्रेवाल का कहना है कि विभाग फिलहाल रोहतक अग्निकांड के बाद जिले के होटलों का निरीक्षण करने में लगा हुआ है। फिलहाल यह नहीं स्पष्ट किया जा सकता है कि जिले में कितने होटल व कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। इसका ब्योरा जुटाने के लिए एक-एक सेंटर व होटल का सर्वे किया जाएगा। जहां भी सुरक्षा मानकों की खामी मिलेगी तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर नगर प्रशासन के कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि फायर एनओसी दमकल विभाग की ओर से ही दी जाती है। उनके पास ही पूरा ब्यौरा होगा।
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