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आधार कार्ड नहीं अनिवार्य, इसके बगैर भी बनेगी ओपीडी स्लिप

Tue, 03 Jan 2017 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ कुरुक्षेत्र।
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ओपीडी बनवाते लोग - फोटो : amar ujala
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ई-उपचार योजना के मद्देनजर आधार कार्ड की समस्या को लेकर उहापोह की स्थिति से गुजर रहे मरीजों को बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। आधार कार्ड सहित कोई अन्य आईडी प्रूफ भी नहीं है तो भी विंडो पर ओपीडी स्लिप बनाने से मना नहीं किया जा सकता। हां, इतना जरूर है कि उक्त योजना के अंतर्गत यदि कोई मरीज आधार कार्ड देगा तो उसे आने वाले दिनों में इसका लाभ ही मिलेगा। ऐसा कतई नहीं है कि आधार कार्ड न होने पर स्लिप नहीं बनेगी।       
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ऐसा ही विषय सोमवार को एलएनजेपी का दौरा करते हुए अमर उजाला टीम के सामने आया। लाइन में लगे मरीजों ने आधार कार्ड के साथ भी और उसके बगैर भी ओपीडी स्लिप बनवाई, लेकिन इस दौरान जो एक खास बात देखी गई, वो थी विंडो पर कर्मियों द्वारा मरीजों को दी जा रही आधार कार्ड संबंधी हिदायत। विंडो कर्मी मरीजों को ये समझाने में लगे रहे कि आधार कार्ड लाएंगे तो उसका फायदा मिलेगा। इसको लेकर कुछ मरीज परेशान भी हुए। जो बात को पूरी तरह समझ नहीं सके ऐसे कुछ लोग वापस लौट गए तो कई लोगों ने अगली बार आधार कार्ड लाने की बात कहकर ओपीडी स्लिप बनवाई।       
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ओपीडी स्लिप बनवाने आए मरीजों की प्रतिक्रिया       
एलएनजेपी अस्पताल में ओपीडी विंडो पर आए गांव मुस्तापुर वासी पवन कुमार ने बताया कि विंडो कर्मी ने उससे आधार कार्ड मांग लिया। हालांकि पहले पता नहीं था कि आधार कार्ड जरूरी है। उन्हें यहीं आकर पता चला। गनीमत रही कि जेब में आधार कार्ड की फोटो कॉपी रखी थी। गांव पलवल वासी मनोज कुमार ने बताया कि स्लिप बनवाने के लिए वह सुबह साढ़े 9 बजे लाइन में लग गया था, लेकिन 11 बजे के आसपास उसका नंबर आने पर आधार कार्ड न होने की स्थिति में स्लिप नहीं बनी। इसके बाद एक जानकार को लाइन में लगाया और घर जाकर आधार कार्ड की कॉपी साथ लाया। नखरोजपुर वासी अमर सिंह का कहना था कि आधार कार्ड होने पर ही स्लिप बनाई जाएगी, यह नीति ठीक नहीं है। दूर-दूर से आने वाले मरीजों की समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि विंडो कर्मी से कई बार रिक्वेस्ट करने पर उसकी ओपीडी स्लिप बना दी गई।       
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आठ सौ से अधिक बनी ओपीडी स्लिप       
ओपीडी विंडो पर बैठे एक कर्मचारी के अनुसार शनिवार को लगभग बारह सौ स्लिप बनी थी। जबकि सोमवार को सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक स्लिप बनने की संख्या आठ सौ के आसपास रही। कर्मी ने बताया कि विंडो के सामने भीड़ को देखते हुए दोपहर 2.30 तक ओपीडी स्लिप शनिवार से भी अधिक जा सकती है। विंडो कर्मी का कहना था कि बिना आधार कार्ड वालों को भी स्लिप दी जा रही है।       
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लोगों को जागरूक करने का प्रयास      
कार्यकारी एमएस डॉ. मनजीत सिंह ने कहा कि ई-उपचार योजना के तहत ओपीडी स्लिप को आधार कार्ड के यूनीक आईडी से लिंक करने के आदेश आए हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि आधार कार्ड होने पर ही ओपीडी स्लिप बनाई जाएगी। कार्यकारी एमएस ने कहा कि अगर किसी के पास आधार कार्ड के अलावा कोई दूसरा आईडी प्रूफ हो तो उसपर भी ओपीडी स्लिप बनवाई जा सकती है और यदि कोई आईडी नहीं भी है तो भी स्लिप बनाने से मना नहीं किया जा सकता। ई-उपचार योजना के तहत फिलहाल लोगों को केवल जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को यही बात समझाने का प्रयास है कि आधार कार्ड से लिंक होने पर मरीजों को उनका दवाईयों से संबंधित डाटा सहेज कर रखा जा सकता है ताकि जरूरत पड़ने पर इलाज के दौरान पिछला मेडिकल रिकॉर्ड ध्यान में रखते हुए ट्रीटमेंट शुरू किया जा सके।  
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बिना आधार कार्ड के भी स्लिप बनवाई जा सकती है: सिविल सर्जन        
सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन ने कहा कि अस्पताल में बिना आधार कार्ड के भी स्लिप बनवाई जा सकती है। आधार कार्ड केवल भविष्य में मरीजों का ऑनलाइन ओपीडी मेडिकल चार्ट देखने की एक सुविधा है, लेकिन ओपीडी विंडो पर स्लिप बनवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य बिल्कुल भी नहीं है। सिविल सर्जन ने कहा कि जिस स्वास्थ्य अधिकारी के कहने पर यह बात चर्चा का विषय बनी है, उससे जवाब मांगा जाएगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि महानिदेशक ने नोटिफिकेशन में कहा गया है कि ओपीडी स्लिप बनवाते समय आधार कार्ड देने से ई-उपचार योजना में मदद मिल सकती है लेकिन, यह ओपीडी स्लिप के लिए अनिवार्य नहीं है।       
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महानिदेशक ने दिसंबर माह में जारी किया था नोटिफिकेशन        
गौरतलब है कि मरीजों को ओपीडी स्लिप बनवाने में कोई परेशानी न आए, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक द्वारा ओपीडी के लिए आधार कार्ड संबंधी बात को क्लेरिफाई किया गया है। 13 दिसंबर 2016 को प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों में सीएमओ, पीएमओ और एमएस को जारी पत्र में लिखा है कि यह बिल्कुल भी नहीं स्वीकार किया जाता कि वर्तमान दौर में आधार कार्ड सबसे सामान्य आईडी प्रू्फ है, जोकि मरीजों का यूनीक आईडी लिंक करने में कारगर है। यह ई-उपचार योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड तैयार करने की सुविधा प्रदान करता है और यह मरीजों की ओपीडी स्लिप गुम होने की स्थिति में उनका मेडिकल रिकॉर्ड दिखाने में मदद करता है। लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है।
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