कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा व अनुसंधान विभाग हरियाणा के आदेशानुसार शाहाबाद स्थित आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिए विशेष समर्पित कोविड-19 अस्पताल के रुप में स्थापित किया गया है। इन आदेशों के तुरंत बाद आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शाहबाद के चिकित्सा अधिकारी डा. नरेश ज्योति को अस्पताल में कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए उचित मात्रा में दवाईयों व अन्य मेडिकल सुविधाएं, भोजनालय व हॉस्टल को खाली करवाकर अपने अधीन लेकर साफ-सफाई की पूर्ण व्यवस्था समय रहते बनाए रखना सुनिश्चित करने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए। ये जानकारी उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने दी।
उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे जिला में कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए है। इसी के तहत सिविल अस्पताल कुरुक्षेत्र में आइसोलेशन व आईसीयू वार्ड बनाए गए है। इसी प्रकार विशेष समर्पित कोविड-19 आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शाहबाद में सभी जरुरी मेडिकल सुविधाओं को पूरा करने संबंधी निर्देश दिए गए है।
प्रदेश के 9 अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में की गई है कोविड-19 अस्पतालों की स्थापना
राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 9 अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेष समर्पित कोविड-19 अस्पतालों की स्थापना की गई है, जिसमें पंडित बीडी शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल साइंस संस्थान रोहतक, भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां सोनीपत, शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहर नूह, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल फरीदाबाद, महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा हिसार, महर्षि मारकंडेश्वर मेडिकल साइंस एवं रिसर्च संस्थान मुलाना अंबाला, एसजीआई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गुरुग्राम, आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शाहबाद कुरुक्षेत्र, अल-फलाह मेडिकल साइंस एवं रिसर्च स्कूल फरीदाबाद शामिल है।
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संजीवनी क्लीनिकल लैब को बनाया सैंपल कलेक्शन सेंटर
स्वास्थ्य विभाग हरियाणा की तरफ से कोविड-19 टेस्ट के लिए गुरुग्राम की प्राइवेट लैबोरेटरी कोर डायग्नोसटिक्स प्राइवेट लिमिटेड उद्योग विहार और एसएआरएल लिमिटेड जीपी-26 सेक्टर 26 के साथ एमओयू हुआ है, जिसके सैंपल कौलेक्शन सेंटर जिलास्तर पर होंगे। इन आदेशों के बाद एलएनजेपी अस्पताल के सामने मलिक मेडिकल हाल की संजीवनी क्लीनिकल लैब को सैंपल कलेक्शन सेंटर बनाया है। इसके संचालक प्रदीप राणा (9991121666) हैं। यह सेंटर रोजाना सुबह 9 से 10 बजे और सायं 5 से 6 बजे के मध्य सरकारी और निजी अस्पतालों के सैंपल एकत्रित करेगा। यह सुविधा 9 अप्रैल से लागू हो जाएगी।
कोरोना वायरस के 48 सैंपल नेगेटिव, एक ओर संदिग्ध का सैंपल भेजा जांच के लिए
सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने कहा कि जिले में अब तक कोरोना वायरस का कोई भी पाजिटिव केस नहीं है। इस जिले में 48 सैंपल भेजे गए थे, सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है तथा बुधवार को एक ओर संदिग्ध व्यक्ति का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। अब तक जिले में 49 संदिग्ध व्यक्तियों के सैंपल कोरोना वायरस की जांच के लिए है, इनमें से 48 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है और एक सैंपल की रिपोर्ट वीरवार को देर सायं तक आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि दिसंबर माह से अब तक 2347 लोग विदेश से आए है, इन सभी लोगों की पहचान कर ली गई है, विदेश से आने वाले 1572 लोगों ने 28 दिन के चक्कर को पूरा कर लिया है तथा 775 लोग घरों में क्वारंटाइन है।
कोविड-19 के मृतक शरीर को दफनाने या जलाने के लिए दिशा-निर्देश किए जारी
प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 के मृतक शरीर को दफनाने या जलाने से संबंधित विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए है। इन निर्देशों के अनुसार नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, नगर पालिका के सचिव व बीडीपीओ अपने-अपने संबंधित क्षेत्र में कोविड-19 के मृतक शरीर को सरकार द्वारा जारी गाईडलाईंस के अनुसार डिस्पोज करवाएंगे। किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत अस्पताल में होती है तो संबंधित अस्पताल इसकी जानकारी जिला सिविल सर्जन को देंगे, सिविल सर्जन इसकी जानकारी संबंधित आयुक्त, जिलाधीश, ईओ, यूएलबी सचिव को देंगे। कोरोना संक्रमित मृतक का शव मोर्चरी में रखा जाएगा और यहां पर शव से संक्रमण न फैले इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षित कर्मचारी इस शव को अच्छी तरह से पैक करेगा और विशेष वाहन में और विशेष कर्मचारी की देखरेख में शिवधाम ताक ले जाया जाएगा। इसके बाद शव को दबाने या जलाने की पूरी जिम्मेवारी यूएलबी की होगी और यह यूएलबी डब्लयूएचओ के प्रोटोकॉल और नियमों की पालना करेगा। इसके उपरांत शव वाहन को वापिस अस्पताल में लाया जाएगा और प्रोटोकॉल के अनुसार वाहन के साथ गए कर्मचारी व वाहन का सैनिटाइज किया जाएगा।