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Kurukshetra News: प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तार नहीं हो पाए आरोपी पुलिसकर्मी

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कुरुक्षेत्र। थाना लाडवा में पुलिसकर्मियों के द्वारा युवक के साथ यौन शोषण किए जाने के मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों एएसआई राजिंद्र व संजय कुमार व होमगार्ड जवान सुमित को निलंबित करने के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज कर ली गई, लेकिन पुलिस ने मामले में 48 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई। इस दौरान डीएसपी लाडवा निर्मल सिंह व थाना प्रभारी गुरनाम की ओर से लगातार प्रक्रिया जारी होने की बात कही जाती रही।
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बसपा कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच कर आरोप लगाते रहे कि पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी हुई है। क्योंकि जब आरोपी रात को एसपी के सामने थाना में मौजूद थे तो उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया। वहीं मामले में अब तक आरोपियों को गिरफ्तार न करने पर गंभीर सवाल खड़े किए। वहीं बसपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले में सिर्फ मारपीट से संबंधित धाराओं के तहत ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। बसपा जिला उपाध्यक्ष पवन ने कहा कि अगर पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी तो वह लाडवा थाने का घेराव करने पर मजबूर होंगे।
इन आरोपों पर डीएसपी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। आरोपी पुलिस की निगरानी में हैं। जांच में अगर कुछ सत्यता मिलती है तो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं उन्होंने कहा कि आरोपियों का मेडिकल परीक्षण भी जल्द करवाया जाएगा।
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आरोपी एएसआई राजिंद्र पर पहले भी रिश्वत मांगने के आरोप, पुरानी रंजिश की आशंका
कुरुक्षेत्र। थाना लाडवा प्रकरण में आरोपी एएसआई राजिंद्र को लेकर एक पुराना मामला भी चर्चा में आ गया है। आरोप है कि एएसआई ने पहले एक मामले में पीड़ित से रिश्वत की मांग की थी और रकम न मिलने के बाद उसके प्रति रंजिश रखने लगा था।
पीड़ित ने बताया कि उनके एक दोस्त का अपने परिचित व्यक्ति के साथ रुपयों का लेनदेन था। बताया जाता है कि दोस्त ने अपनी देनदारी के रुपये मांगने के लिए पीड़ित के मोबाइल फोन से संबंधित व्यक्ति को फोन किया था। इसके बाद जिस व्यक्ति से रुपये मांगे गए थे, वह कथित तौर पर अपने घर से चला गया।
मामले में उस व्यक्ति के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी थी, जिसमें पीड़ित का नाम भी शामिल किया गया था। आरोप है कि जांच के दौरान एएसआई राजिंद्र ने पीड़ित का नाम मामले से निकलवाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
पीड़ित का आरोप है कि रिश्वत नहीं दिए जाने के कारण एएसआई ने उसके प्रति रंजिश रखनी शुरू कर दी थी। अब मौजूदा मामले के सामने आने के बाद इस पुराने घटनाक्रम को भी पीड़ित पक्ष द्वारा महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और डीएसपी निर्मल सिंह की ओर से कहा गया कि पुलिस की ओर से इस संबंध में भी पुलिस जांच में जुटी हुई है। सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
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