कुरुक्षेत्र। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत ने अवैध शराब बरामदगी के एक मामले में आरोपी लखविंदर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट अनमोल कक्कड़ की अदालत ने थाना लाडवा में दर्ज एक मामले की सुनवाई के बाद सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 सितंबर 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव लोहारा निवासी लखविंदर सिंह अपने बाड़े में बिना लाइसेंस शराब बेच रहा है। पुलिस ने छापेमारी कर माल्टा ब्रांड की 11 बोतल शराब बरामद करने का दावा किया था और आरोपी के खिलाफ पंजाब आबकारी अधिनियम, 1914 की धारा 61 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पांच गवाहों और विभिन्न दस्तावेज के आधार पर आरोप साबित करने का प्रयास किया, जबकि आरोपी ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने की बात कही। फैसले में अदालत ने जांच प्रक्रिया में कई गंभीर खामियों की ओर संकेत किया। न्यायालय ने कहा कि शिकायतकर्ता और प्रारंभिक जांच अधिकारी एक ही व्यक्ति थे, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। इसके अलावा बरामदगी के समय किसी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया और जब्त शराब की सील भी किसी स्वतंत्र व्यक्ति को नहीं सौंपी गई। अदालत ने यह भी माना कि नमूना जांच में देरी, सभी बोतलों के नमूने न लेना तथा रिकॉर्ड में मौजूद कुछ विसंगतियां अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर करती हैं। इन परिस्थितियों में अदालत ने माना कि आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके और आरोपी को बरी करने का आदेश दिया।