कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूजीसी मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर की ओर से ऑनलाइन संकाय विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षाविदों ने विचार साझा किए। राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता और सम्मानित शिक्षाविद टीडीएल गवर्नमेंट कॉलेज फॉर वुमन सोनीपत की अंग्रेजी की प्रोफेसर डॉ. ज्योति राज ने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया। इसमें ग्रामीण लड़कियों को शिक्षित करने, दर्शकों को सामुदायिक सेवा और सामाजिक विकास में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
दूसरे सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर और राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. विकास सभरवाल ने लिंग-संवेदनशील समाज के लिए सामुदायिक जुड़ाव पर एक व्याख्यान दिया। उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में विशेष रूप से महिलाओं और हाशिए पर पड़े समूहों के लिए लिंग-संवेदनशील समाज को बढ़ावा देने में सामुदायिक भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करते हुए शुरुआत की। तीसरा सत्र दो बहुविकल्पीय परीक्षणों के लिए समर्पित रहा जिसका उद्देश्य पाठ्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान का आकलन करना रहा।
मुख्य अतिथि गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि एक शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने से परे है। यह समाज के साथ जुड़ने के बारे में भी है। स्कूलों और कॉलेजों में हमने जो सीखा है, उसे समुदाय के साथ साझा करना हमारी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। ऐसा करके ही हम वास्तव में सामुदायिक जुड़ाव के लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर यूजीसी एमएमटीटीसी की निदेशक प्रो. प्रीति जैन, सह-समन्वयक डॉ. अंजू बाला, उप निदेशक डॉ. नीरज बातिश सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।