शाहाबाद। गांव यारा में 18 मार्च को रसोई गैस सिलिंडर विस्फोट से हुए हादसे में झुलसे आठ लोगों में से महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। हादसे में घायल कोमल की चार वर्षीय बेटी वैष्णवी भी झुलस गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार गांव यारा में देर शाम कर दिया गया। इन दिनों कोमल गर्भवती थी। कोमल के ससुर रूपिंद्र की हालत गंभीर है और उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
18 मार्च को सुबह 6:30 बजे गांव यारा के एक घर में सुबह खाना बनाते समय चूल्हे पर लगा सिलिंडर खाली हो गया था लेकिन जब दूसरा सिलिंडर लगाना चाहा तो वहां जल रही ज्योत के कारण धमाका हुआ और सिलिंडर ने आग पकड़ी ली।
बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे जब घर की महिला कोमल देवी रसोई में खाना बना रही थी, तभी अचानक गैस सिलिंडर में जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते भीषण आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। धमाका इतना तेज था कि घर के दरवाजे-खिड़कियां तक हिल उठीं और रसोई का लकड़ी का दरवाजा चकनाचूर हो गया। इस हादसे में कुल 8 लोग बुरी तरह झुलस गए थे जिनमें रूपिंद्र (50), गीता (50), कर्ण (32), आंचल (21), वैष्णवी (4), चरणों (50), गौरव उर्फ बांका (27), कोमल (25), शामिल थी लेकिन कोमल ने दमतोड़ दिया है और अन्य का उपचार चल रहा है।
परिवार को मुआवजा देने की मांग
जनहित में देखते हुए शाहाबाद की जनता ने सामूहिक रूप से सरकार से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। गांववासियों रोहित सैनी, राजेंद्र कुमार, रामकरण, मांगे राम ने कहा कि एक तो परिवार के साथ बड़ा हादसा हुआ है और परिवार के सभी सदस्यों का उपचार लंबा चलना है। इसलिए परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए।