कुरुक्षेत्र। राजस्थान की किशनगढ़ शैली(शिल्पकला) से एक ही पत्थर को तराश कर अदभुत लैंप का निर्माण किया है। लैंप भारत की प्राचीन संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ रात के अंधेरे में लोगों को रोशनी दिखाने का काम भी कर रहा है। लैंप को स्टॉल नंबर 74 पर अनोखे अंदाज में सजाया गया है।
राजस्थान की शिल्पकार चित्रा जैन व रंजन जैन ने बताया कि पूरे विश्व में राजस्थान किशनगढ़ की शिल्पकला प्रसिद्ध है। इस शिल्पकला में मैटल और वुड के साथ-साथ पत्थर पर मीनाकारी के माध्यम से राजस्थानी आर्ट को उकेरा जाता है। इस महोत्सव में लैंप और पॉट विशेष तौर पर लेकर आए हैं। यह लैंप एक ही पत्थर को तराश कर तैयार किया गया है। इस पत्थर पर किशनगढ़ की राजस्थानी आर्ट को बारीकी से उकेरा गया है। इस लैंप की कीमत करीब 2200 रुपये रखी गई है। यह लैंप लुप्त हो रही है शिल्पकला को भी सहेजने का काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि लैंप के अलावा एक ही पत्थर को तराश कर बनाए गए फ्लावर पॉट, झुमर, तोरण सहित अन्य सजावटी समान भी लेकर आए हैं। इस शिल्पकला की कीमत 150 रुपए से लेकर पांच हजार रुपए तक रखी गई है।