कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
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कुरुक्षेत्र। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवाओं की बदहाल व्यवस्था मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है। अस्पताल में मात्र एक ही सोनोलॉजिस्ट, डॉ. गुलशन तैनात हैं और उनकी बार-बार वीआईपी ड्यूटी के चलते अल्ट्रासाउंड विभाग ठप पड़ जाता है। सप्ताह में एक से दो दिन डॉक्टर वीआईपी ड्यूटी व अवकाश पर रहते हैं जिसके चलते रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
इस समस्या के लिए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों और मरीजों ने मांग की है कि अस्पताल में कम से कम एक और सोनोलॉजिस्ट या रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की जाए, ताकि अल्ट्रासाउंड विभाग नियमित रूप से चल सके और मरीजों को समय पर राहत मिल सके। यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो अस्पताल की बढ़ती भीड़ और मरीजों के उपचार में देरी जैसी समस्याएं और गंभीर रूप लेंगी।
रोजाना होते हैं 35 से 40 लोगों के अल्ट्रासाउंड : जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 1700 से 1800 लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 70 से 80 मरीजों के चिकित्सकों की ओर से अल्ट्रासाउंड लिखे जाते हैं। इनमें से रोजाना 35 से 40 लोगों के ही केंद्र में अल्ट्रासाउंड होते हैं। अस्पताल में ऑपरेशन से संबंधित मरीज भी पहुंचते हैं जिनमें से कई मामलों में अल्ट्रासाउंड अनिवार्य होता है। ऐसे में डॉक्टर के अवकाश या वीआईपी ड्यूटी पर चले जाने से बड़ी संख्या में मरीजों को अपने तय समय पर जांच नहीं मिल पाती। मजबूरन मरीजों को अगले दिन फिर से अस्पताल आना पड़ता है जिससे उनके इलाज में देरी होती है।