इस्माईलाबाद। झांसा निवासी सेवानिवृत्त फौजी से साइबर ठग ने भांजा बनकर करीब 10 लाख रुपये ठग लिए। उसने पहले 14 लाख रुपये भेजने का भरोसा दिया और बाद में किडनी के ऑॅपरेशन का झूठा बहाना बनाकर राशि ट्रांसफर करवा ली। शिकायतकर्ता ने अपनी फिक्स्ड डिपाॅजिट तुड़वाकर पैसे भेज दिए।
शिकायतकर्ता ध्यान सिंह ने बताया कि वह वर्ष 1988 में सेना से और 2013 में गार्ड की नौकरी से सेवानिवृत्त हुए थे। 6 नवंबर सुबह उन्हें एक विदेशी नंबर से काॅल आया। काॅल करने वाले ने खुद को उनका भांजा प्रिंस बताया और 14 लाख रुपये उनके खाते में भेजने की बात कही। उसने कहा कि यह बात घर पर न बताएं, वह अपनी मां को सरप्राइज देना चाहता है।
कुछ देर बाद ध्यान सिंह के मोबाइल पर नौ लाख 80 हजार रुपये आने का मैसेज आया। इसके तुरंत बाद ठग ने काॅल करके चार लाख रुपये बताए गए खाते में भेजने को कहा। अगले दिन शिकायतकर्ता ने बैंक जाकर अपनी एफडी तुड़वाई और राशि जितेंद्र नामक व्यक्ति के खाते में डाल दी। उसी रात दोबारा काॅल करके ठग ने दावा किया कि जितेंद्र की मां का किडनी ऑपरेशन होना है और तुरंत सात लाख रुपये की आवश्यकता है। इस पर ध्यान सिंह ने 7 नवंबर को तीन लाख रुपये उधार लेकर भेज दिए। अगले दिन जितेंद्र नामक व्यक्ति ने फोन कर प्रिंस का हवाला देते हुए और पैसे मांगे। शिकायतकर्ता ने बिना शंका किए तीन लाख रुपये मनी ट्रांसफर के जरिये उसी खाते में भेज दिए।
शाम को ध्यान सिंह ने अपनी बेटी से बातचीत की तो उसने फ्राॅड की आशंका जताई। बहन से बात करने पर पता चला कि जितेंद्र नाम का कोई व्यक्ति प्रिंस का दोस्त नहीं है। उनकी बेटी ने साइबर हेल्पलाइन पर काल कर शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।