संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। महानगरों और घनी आबादी वाले इलाकों में बढ़ते वाहनों की संख्या और सीमित पार्किंग स्पेस लोगों की सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए एनआईटी कुरुक्षेत्र ने ‘ए लिफ्ट मैकेनिज्म फॉर पार्किंग वन और मोर व्हीक्लस’ तकनीक को विकसित किया गया है। जिसे हाल ही में पेटेंट भी मिला है। इस तकनीक से घर या सोसाइटी में सीमित जगह पर भी एक से अधिक गाड़ियां पार्क की जा सकेंगी। पारंपरिक मल्टी-लेवल पार्किंग सिस्टम की तुलना में यह डिजाइन सस्ता और मेंटेनेंस में आसान है। जरूरत के हिसाब से इसमें एक प्लेटफॉर्म जोड़ा या हटाया जा सकता है।
वर्तमान समय में हर घर में एक से अधिक वाहन हैं। जगह सीमित है पर वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में जो पार्किंग लिफ्ट बाजार में उपलब्ध हैं। वे या तो सिर्फ दो गाड़ियों के लिए होती हैं या फिर चार गाड़ियों के लिए। इनका आकार बड़ा होने से जगह की बर्बादी होती है। दो गाड़ी वाली लिफ्ट को चार गाड़ी वाली लिफ्ट में बदला नहीं जा सकता और चार गाड़ी वाली लिफ्ट को छोटा नहीं किया जा सकता। इसी कमी को दूर करने के लिए यह नया लिफ्ट मैकेनिज्म बनाया गया है।
डॉ. राजीव राठी ने बताया कि लिफ्ट मैकेनिज्म एक फोल्डेबल और कन्वर्टिबल पार्किंग सिस्टम है जो जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है। इसमें एक लोअर बेस (निचला प्लेटफॉर्म) और दो ऊपरी प्लेटफॉर्म (फर्स्ट और सेकंड प्लेटफॉर्म) होते हैं। गाड़ियों को इन प्लेटफॉर्म पर पार्क किया जाता है। जब केवल दो गाड़ियां पार्क करनी हों तो केवल एक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। जब चार गाड़ियों की जरूरत हो, तो दूसरे प्लेटफॉर्म को जोड़कर लिफ्ट को बड़ा किया जा सकता है। यह हाइड्रोलिक और मैकेनिकल लिंकेज से चलता है जो आसानी से ऊपर-नीचे हो सकता है। फास्टनर, स्क्रू नट्स और इलास्टिक मेटेरियल्स से यह सिस्टम मजबूत और टिकाऊ बनाया गया है। यह तकनीक एनआईटी कुरुक्षेत्र के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजीव राठी के नेतृत्व में डॉ. दिनेश राठौड़, अंकित चौहान और आशीष के सहयोग से विकसित की गई है।
कैंची जैसी संरचना पर आधारित
यह सिस्टम कैंची जैसी संरचना पर आधारित है। जब उपयोगकर्ता बटन दबाता है, तो दोनों तरफ की लिंक (दो) और कनेक्टिंग रॉड्स (छह और आठ) फैलती हैं जिससे प्लेटफॉर्म ऊपर उठ जाता है। इससे गाड़ी को ऊपरी लेवल पर पार्क किया जा सकता है और नीचे की जगह खाली हो जाती है। जरूरत पड़ने पर प्लेटफॉर्म को नीचे उतारकर वाहन को निकाला जा सकता है। इस तरह यह सिस्टम ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) पार्किंग की सुविधा देता है, यानी एक ही जगह पर दो या चार गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं।
छोटे मकानों, अपार्टमेंट और ऑफिस बिल्डिंग के लिए बेहद उपयोगी
डॉ. राजीव राठी ने बताया कि इस तकनीक से घर या सोसाइटी में सीमित जगह पर भी एक से अधिक गाड़ियां पार्क की जा सकेंगी। पारंपरिक मल्टी-लेवल पार्किंग सिस्टम की तुलना में यह डिजाइन सस्ता और मेंटेनेंस में आसान है। जरूरत के हिसाब से इसमें एक प्लेटफॉर्म जोड़ा या हटाया जा सकता है। छोटे मकानों, अपार्टमेंट और ऑफिस बिल्डिंग के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। मजबूत मेटेरियल और इलास्टिक बेस के कारण वाहन सुरक्षित रहते हैं। लिफ्ट को ऊपर उठाकर नीचे वाले वाहन की सर्विस या मरम्मत भी आसानी से की जा सकती है। जगह की बचत के साथ यह सिस्टम अनावश्यक कंस्ट्रक्शन की जरूरत को भी घटाता है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य शहरी इलाकों में पार्किंग संकट को तकनीकी नवाचार से हल करना है। यह लिफ्ट घरेलू स्तर पर इंस्टॉल की जा सकती है और जरूरत के अनुसार बढ़ाई या घटाई जा सकती है। यह भविष्य की पार्किंग जरूरतों का समाधान है।