कुरुक्षेत्र। विश्व शांति धाम सेवा केंद्र में प्रदर्शनी के दौरान श्रद्धाभाव के साथ शिवलिंग को न
कुरुक्षेत्र। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति धाम सेवा केंद्र की ओर से द्वादश ज्योतिर्लिंगों और उनके मूल मंदिरों की प्रतिकृतियों की एक भव्य आध्यात्मिक प्रदर्शनी व झांकी का आयोजन किया गया। यह आयोजन स्थानेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थित धर्मशाला परिसर में किया गया। सेंटर इंचार्ज राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
प्रदर्शनी के माध्यम से संदेश दिया कि शिवलिंग परमात्मा शिव की निराकार ज्योति-स्वरूप स्मृति का प्रतीक है, जो समस्त आत्माओं के परमपिता, परम शिक्षक और सतगुरु हैं। आध्यात्मिक चित्रों के माध्यम से परमात्मा शिव के दिव्य गुण, सृष्टि चक्र का ज्ञान, शिव और शंकर में अंतर, आत्मा की 84 जन्मों की यात्रा, मैं कौन हूं का आत्मबोध और राजयोग ध्यान की ओर से मन की शांति का सरल व प्रभावशाली ढंग से विवेचन किया गया। ब्रह्माकुमारी पुष्पा, लता, प्रियंका व पूनम ने शिव-भक्तों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रत्येक चित्र का विस्तारपूर्वक परिचय देकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ा गया।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सरोज ने बताया कि आध्यात्मिक प्रदर्शनी का उद्देश्य मानव आत्मा को परमपिता शिव से जोड़कर राजयोग के माध्यम से मन की शांति, पवित्रता और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।