ए ग्रेड से वंचित केयू करेगा आंतरिक मूल्यांकन
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ए ग्रेड से वंचित कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी अब आंतरिक मूल्यांकन से लिए होमवर्क करेगी। बहरहाल अकेडमिक ऑडिट के रूप में यह प्रक्रिया बुधवार से शुरू होगी और 15 दिसंबर तक चलेगी। गौरतलब है कि पिछले कई साल से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पर लगा ए ग्रेड का तगमा छिन चुका है। केयू की ब्रांडिंग से लेकर तमाम दस्तावेज और डिग्री पर जहां 2013 तक और उसके बाद भी काफी समय तक ए ग्रेड का तगमा लगा होता था, वो काफी समय से गायब है। अब नए सिरे से वर्ष 2017 में नैक की टीम ग्रेडिंग करने के लिए विजिट कर सकती है। उससे भी दो कदम पहले केयू प्रशासन ने भी आंतरिक मूल्यांकन कराने के लिए तैयारी की है, ताकि ग्रेडिंग के समय उन्हें किसी प्रकार की किरकिरी का सामना ना करना पड़े।
बहरहाल केयू प्रशासन की इसी तैयारी के चलते 14 से 15 दिसंबर तक केयू कैंपस में स्थित 46 विभागों का अकेडमिक ऑडिट किया जाएगा। इसके लिए केयू प्रशासन ने चार टीमों का गठन किया गया। मूल्यांकन के लिए सीनियर प्रोफेसरों की हर टीम में चार सदस्य होंगे। इनमें दो प्रोफेसर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के अलावा बाहर के भी दो प्रोफेसर शामिल किए गए हैं। वहीं अन्य दो प्रोफेसर हरियाणा या राज्य से बाहर की किसी भी यूनिवर्सिटी के शामिल हो सकते हैं। यह टीमें सुबह नौ बजे कुरुक्षेत्र के कुलपति डॉ.कैलाश चंद्र शर्मा के दफ्तर में रिपोर्ट करने के बाद शाम पांच बजे तक केयू के 46 विभागों के अतिरिक्त एनसीसी और एनएसएस जैसे 10 सेलों और स्वास्थ्य केंद्र का भी मूल्यांकन करेंगी। बुधवार और वीरवार को उपरोक्त चारों टीमों के समक्ष केयू के सभी विभाग और सल सिलसिलेवार प्रजेंटेशन देंगे। बताया गया है कि पिछले पांच साल में केयू के इन विभागों का मूल्यांकन होगा।
यह कमजोर और मजबूत पक्ष जानना है मकसद
अकेडमिक ऑडिट कराने का मकसद केयू का शैक्षणिक माहौल कहां स्टैंड करता है, इसके अलावा रिसर्च में भूमिका, नया इनोवेशन क्या है,नये कोर्स कितने शुरू किए? विद्यार्थियों का पास प्रतिशत कितना है? प्लेसमेंट कितनी हुई,विद्यार्थियों की संख्या कितनी है? विभाग में कितनी पुस्तकें हैं। इस अकेडमिक आडिट के जरिये यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने मजबूत और कमजोर पहलुओं पर गौर करने के अलावा एक कदम आगे बढ़ते हुए ना केवल ए ग्रेड, बल्कि प्लस ए ग्रेड की दावेदारी की तैयारी में कमर कसने में लगा है।
रेगुलर हर साल होगा अकेडमिक ऑडिट : वीसी
केयू के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि योजनानुसार अगले वर्षों में इस तरह का अकेडमिक ऑडिट हर साल कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि केयू की गतिविधियों में ऐसे ऑडिट होने चाहिए, ताकि संबंधित विभागों के भी सुझाव लिए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह एक रेगुलर एक्टिविटी है और नहीं हो रही है तो आगे ऐसा करने का प्रयास शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से केयू के शैक्षणिक ढांचे में सुधार करना केयू का लक्ष्य है।