कुरुक्षेत्र। घटिया बीज की आपूर्ति करने के तीन अलग-अलग मामलों में उपभोक्ता फोरम ने कंपनी व बीज विक्रेता पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। उन्हें पीड़ित किसानों को बीज खरीद से लेकर जुर्माना लगाए जाने की तिथि तक नौ प्रतिशत ब्याज देना होगा। वर्ष 2020 में सूरजमुखी का घटिया बीज सप्लाई करने के मामले में शाहाबाद थाने में 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था लेकिन शिकायतकर्ताओं द्वारा वर्ष 2022 में यह मामला जिला उपभोक्ता फोरम में ले जाया गया, जहां फोरम ने सुनवाई करते हुए बुधवार को उक्त आदेश दिए।
पीड़ित किसानों के मुताबिक पवन कुमार ने वर्ष 2020 में 24 एकड़ में, राकेश कुमार ने 23 एकड़ व संदीप कुमार ने सात एकड़ में सूरजमुखी की बिजाई की थी। फसल उगने के बाद उस पर फूल वाली डोडी नहीं आई जिसको लेकर उन्होंने कृषि कल्याण विभाग को शिकायत दी थी, जिसके उपरांत कृषि विभाग की कई टीमें व कंपनी के कई अधिकारियों ने मौके पर जाकर कई बार फसलों का निरीक्षण किया।
इस मामले को लेकर कृषि कल्याण विभाग द्वारा कृषि वैज्ञानिकों की एक टीम का गठन किया गया था, जिन्होंने मौके पर जाकर फसलों का निरीक्षण किया और सैंपल लिए। तीनों पीड़ित किसानों के मुताबिक टीमों के निरीक्षण रिपोर्ट देने उपरांत उपनिदेशक कृषि कल्याण विभाग द्वारा कंपनी के मालिकों व बीज विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था और बीज विक्रेताओं के लाइसेंस 15 दिन के लिए रद्द कर दिए थे।
कृषि कल्याण विभाग की ओर से पीड़ित किसानों को मुआवजा न दिलवाए जाने पर पीड़ित किसानों ने जिला उपभोक्ता फोरम में केस दायर कर दिया था। लंबे संघर्ष के बाद पीड़ित तीन किसानों के केसों की सुनवाई थी। फैसला देते हुए जिला उपभोक्ता फोरम ने 24 एकड़ वाले किसान पवन कुमार को सात लाख रुपये मुआवजा व 11 हजार रुपये जुर्माना, 23 एकड़ वाले किसान राकेश कुमार को छह लाख रुपये मुआवजा व 11 हजार रुपये जुर्माना तथा सात एकड़ वाले संदीप कुमार को दो लाख रुपये मुआवजा और 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यही नहीं बीज खरीदने से लेकर फोरम के आदेशों तक नौ प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।