कुरुक्षेत्र। कभी दिन-रात चहल पहल रहती थी अब एनआईटी की ये सड़कें इस तरह हुई सूनसान। संवाद
कुरुक्षेत्र। एनआईटी में हुई चार छात्रों की आत्महत्या के बाद बने हालात से निपटने और छुट्टियों के बाद छात्र-छात्राओं को बेहतर माहौल देने के लिए केंद्र सरकार व संस्थान के बोर्ड ऑफ गर्वनर्स ने पूरी ताकत झौंक दी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जांच शुरू कर दी गई है और तीन दिन से बीओजी चेयरपर्सन भी डेरा डाले हुए हैं। हर संभव कदम उठाते हुए हालात को सामान्य किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अब छह सदस्यीय सहयोग कमेटी का गठन किया गया है। प्रो. सतहंस की अध्यक्षता में यह कमेटी भी बीओजी चेयरपर्सन तेजस्विनी अनंत कुमार के आदेश पर ही बनाई गई है, जो पहले संस्थान के शिक्षकों को बच्चों के साथ बदलते परिवेश व हालात के बीच संवाद करने में पारंगत करेगी और गैर शिक्षक कर्मियों को भी खास गुर देगी।
यही नहीं यह कमेटी छात्र-छात्राओं के बीच रहकर खास संवाद स्थापित करेगी और उन्हें दूसरी गतिविधियों में भी व्यस्त रखने के लिए तौर तरीके खोजेगी। लगातार गतिविधियां बढ़ाए जाने के बाद उनके परिणामों के आधार पर ही यह कमेटी अपनी रिपोर्ट भी सौंपेगी।
छात्र-छात्राओं को मानसिक मजबूती देने पर काम करेगी कमेटी : चार आत्महत्याओं के बाद संस्थान में दो कमेटी बनी हुई हैं। एक कमेटी प्रो. लिली दिवान के अंतर्गत काम कर रही है। वहीं एक और अन्य कमेटी इस समय चली हुई है।
नई कमेटी जो सहयोग नाम से बनी है, उसके कोऑर्डिनेटर प्रो. सतहंस ने बताया कि हम सबसे पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के बाद यह कमेटी हर छात्र से अपने स्तर पर बातचीत करेगी।
साथ ही उनके अभिभावकों से भी बातचीत की जाएगी। यह सहयोग कमेटी मानसिक कल्याण पर काम करेगी। इसके तहत यह टीम अब बच्चों को भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ महसूस करवाएगी। हालांकि यह कमेटी निदेशक को रिपोर्ट करेगी। उनका कहना है कि मकसद एनआईटी के माहौल को सामान्य करना है।
कुरुक्षेत्र। कभी दिन-रात चहल पहल रहती थी अब एनआईटी की ये सड़कें इस तरह हुई सूनसान। संवाद