अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर तट पर किए जाने वालेे निर्माण कार्यों को लेकर कितनी गंभीरता बरती जाती रही है, इसका अंदाजा सबसे अहम माने जाने वाले महाआरती स्थल से ही लगाया जा सकता है। वर्ष 2017 में करीब 6 लाख रुपये की लागत से बनाया गया यह स्थल एक साल भी नहीं चल सका।
मां कात्यायनी मंदिर के समीप फैंसी लाइटों के साथ बेहद आकर्षक लगने वाले इस स्थल पर कई जगहों से फर्श बैठ चुका है। अब फिर इसी आरती स्थल का 6 लाख रुपये खर्च कर पुनर्निर्माण किया जा रहा है। हालांकि अब यहां एक साथ ही सात स्थल तैयार किए जाने हैं। लेकिन केडीबी प्रशासन इस बार भी इसके लिए समय पर नहीं जाग सका। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव 7 दिसंबर से शुरू हो रहा है। एक सप्ताह पहले ही शुरू किए इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए मजदूर अल सुबह से लेकर देर रात तक काम कर रहे हैं। आनन-फानन में ही यह स्थल तैयार किया जा रहा है। इसलिए इसके निर्माण में खामी रहने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से लेकर ठेकेदार की भी मानें तो यह निर्माण कार्य करीब एक माह पहले शुरू किया जाना चाहिए था। बता दें कि इसी आरती स्थल पर पिछले एक साल से ही हर रोज संध्याकालीन महाआरती का आयोजन किया जाता है। इसके लिए विशेष तैयारी की जाती है तो सैकड़ों लोग भी शामिल होते हैं।
महाआरती घाट को बनाया जाएगा बेहद आकर्षक तो बाकी तैयारी भी पूरी करने के दिए कड़े निर्देश : केडीबी सीईओ
महाआरती स्थल पर करीब 6 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं जबकि पिछले वर्ष भी करीब इतनी ही राशि खर्च की गई थी। अब महाआरती स्थल को और भव्य व आकर्षक बनाया जाएगा। पहले वाला फर्श क्यों धंसा है, यह जांच की जाएगी। पिछले साल की योजना की जानकारी नहीं है। बाकी तैयारियां जल्द करने को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। सभी पत्थर वीरवार को ही दुरुस्त कर दिए जाएंगे तो इसी दिन बिजली सहित अन्य समस्याएं भी दूर कर दी जाएंगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों व कर्मियों को निर्देश दे दिए हैं।
- संयम गर्ग, सीईओ, केडीबी।