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किसान मेले से किसान गायब, जबरदस्ती दुकानदारों को बुलाकर दिखाई भीड़
- किसान मेला एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम प्रचार-प्रसार के अभाव में हुआ फेल
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। अनाज मंडी में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से आयोजित खंड स्तरीय किसान मेले एवं प्रदर्शनी में किसानों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। न तो किसानों को आमंत्रित किया गया और न ही मेले का प्रचार हुआ। कार्यक्रम के लिए कुछ चुनिंदा किसानों को चंद घंटे पहले सूचना दी गई और उन्हें किसानों को कार्यक्रम में लाने की जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम में किसानों के न पहुंचने पर विभाग के अधिकारियों ने भीड़ दिखाने के लिए पेस्टिसाइड की दुकानें बंद करा दीं और दुकानदारों को जबरन कार्यक्रम में बैठाया।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि डीसी डॉ. एसएस फुलिया थेे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने के लिए पूरे प्रदेश में 261 करोड़ रुपए की राशि अनुदान दी है। जिले में लगभग 15 करोड़ रुपये का अनुदान किसानों को दिया गया है। कुरुक्षेत्र में 100 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की गई है। कुरुक्षेत्र में 419 गांव हैं और एक कस्टम हायरिंग सेंटर में चार गांवों के किसानों को कवर किया जाएगा। कस्टम हायरिंग सेंटर समूह में सोसायटी बनाने पर कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया गया है। यदि किसान व्यक्तिगत कृषि यंत्रों पर सब्सिडी लेना चाहता है तो उन किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
ये अधिकारी रहे कार्यक्रम में मौजूद
इस अवसर पर एसडीओ डॉ. मदन सिंह पिहोवा, एसडीओ डॉ. सुरेश थानेसर, अभिंयता राजेश वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र कुरुक्षेत्र संयोजक डॉ. हरिओम, डॉ. समर सिंह, डॉ. विजय अरोड़ा, डॉ. विनोद वर्मा खंड कृषि अधिकारी थानेसर, खंड कृषि अधिकारी थानेसर डॉ. सुशील शर्मा, मंदीप सिंह विर्क जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा, मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरनाम मलिक, मंडल अध्यक्ष भाजपा बाखली बलबीर गुज्जर, बीएओ पिहोवा डॉ. चंद्र प्रकाश, तरण वडैच, नायब तहसीलदार राजेंद्र रोहिल्ला, सचिव मार्केट कमेटी चंद्र सिंह मौजूद रहे।
कार्यक्रम से चंद घंटे पहले किया सूचित
प्रगतिशील किसान क्लब के प्रधान सुखदेव सिंह ने बताया कि अनाज मंडी में रखा गया कार्यक्रम किसानों के लिए था। इसके लिए किसानों को सूचित ही नहीं किया गया। कार्यक्रम से एक रात पहले ही उन्हें जानकारी दी गई और अधिक से अधिक किसानों को कार्यक्रम में लाने के लिए कहा गया, जबकि किसान धान की फसल में व्यस्त हैं। ऐसे में प्रशासन को एक सप्ताह पहले किसानों को सूचित करना चाहिए था। प्रशासन द्वारा किसानों के लिए रखा गया कार्यक्रम मात्र दिखावा था। कार्यक्रम का कोई प्रचार नहीं किया गया।
नहीं दी उपकरणों के बारे में जानकारी
किसान सतीश राणा ने बताया कि कार्यक्रम में कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। इनके बारे में किसानों को जानकारी ही नहीं दी गई। देश में अधिकतकर किसान अनपढ़ हैं। विभाग को गाइड की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी। विभाग द्वारा खाद और पेस्टिसाइड के लिए भी कोई स्टाल नहीं लगाया गया।
मंच पर चढ़ा साधु
डीसी डॉ. एसएस फुलिया के संबोधन के दौरान एक साधु मंच पर चढ़ गया। इसे देखकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में पुलिस कर्मियों ने साधु को पकड़कर नीचे उतारा। इसके बाद डीसी ने राहत की सांस ली।