कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण से कुरुक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के विशेष धर्मस्थल के रूप में अलग पहचान बनाएगा। उनके मुताबिक कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आंध्रप्रदेश की तर्ज पर तिरुमला तिरुपति देवास्थानम (टीटीडी) ट्रस्ट द्वारा भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण से आसपास राज्यों के यात्रियों के अलावा कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इस क्षेत्र की धार्मिक केंद्र के रूप में एक नई पहचान बनेगी। इस मंदिर के बनने से अब उत्तर भारत के लोगों कुरुक्षेत्र में भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी के दर्शन होंगे। रविवार को मुख्यमंत्री तिरुपति मंदिर के उद्घाटन अवसर पर विशेष पूजा में शामिल होने के पश्चात पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा की सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, एसीएस टीवीएसएन प्रसाद, आंध्रप्रदेश सरकार के आईएएस अधिकारी आयुक्त प्रवीण प्रकाश, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, जिप चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य खरैती लाल सिंगला, केडीबी के सदस्य उपेंद्र सिंघल ने मंत्रोच्चारण के बीच भगवान श्रीवेंकटेश्वर स्वामी जी की परंपरा अनुसार पूजा-अर्चना की और मंदिर में बनाए गए देवी महालक्ष्मी, देवी भूदेवी के मंदिर के साथ पूरे मंदिर का अवलोकन किया। इस दौरान आंध्रप्रदेश से आए विद्वानों के साथ-साथ विधि विधान पद्धति को देखने वाले विद्वान श्रीनिवासाचायरुलु ने दक्षिण भारत की परंपरा के अनुसार पूजा करवाकर भगवान श्रीवेंकटेश्वर का चरणामृत और प्रसाद दिया।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उत्तर भारत के लोगों के लिए कुरुक्षेत्र में ही भगवान श्रीवेंकेटेश्वर स्वामी जी तिरुपति बालाजी मंदिर के कपाट दर्शनों के लिए खोल दिए गए है। इस मंदिर के खुलने से उत्तर भारत के लोगों को अब आंध्रप्रदेश में जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से 5.52 एकड़ जमीन ट्रस्ट को मंदिर बनाने के लिए दी गई है। इस मंदिर में भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी के साथ-साथ देवी महालक्ष्मी, देवी भूदेवी दो मंदिर भी बनाए गए है। इस मंदिर के प्रोजेक्ट पर 34 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा, जिसमें से अब तक 18 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है। उन्होंने संस्थानम के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की धरा पर तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापना करके कुरुक्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा में पर्यटकों के लिए एक अनोखी सौगात देने का काम किया है।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि इस मंदिर का संचालन स्थानीय प्रशासन व टीटीडी के सहयोग से किया जाएगा। इस मंदिर में मूर्ति स्थापना के बाद विधिवत रुप से उद्घाटन किया गया है। एसीएस टीवीएसएन प्रसाद ने कहा कि इस मंदिर का संचालन करने के लिए एक लोकल कमेटी का गठन किया जाएगा। इस मंदिर को सुबह 6 बजे से लेकर रात्रि 9 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रखा जाएगा तथा तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। आंध्रप्रदेश के आईएएस अधिकारी प्रवीण प्रकाश का कहना है कि अब उतर भारत के लोगों को भगवान श्रीवेंकेटेश्वर स्वामी की पूजा करने के लिए आंध्रप्रदेश जाने की जरूरत नहीं होगी। कुरुक्षेत्र की पावन धरा के साथ-साथ देश के प्रमुख शहरों में भी भगवान श्रीतिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापना की जाएगी। इस मौके पर केयू के रजिस्ट्रार प्रवीण सैनी, एन सेतिया फाउंडेशन ट्रस्ट से सतीश गलहोत्रा, शस्त्र जैन, एसडीएम अनिल यादव, सेवानिवृत्त एचसीएस अधिकारी प्रेमचंद गांगल, भाजपा लीगल सैल के प्रदेश संयोजक धुम्मन सिंह किरमिच, सौरव चौधरी, डॉ. सुचि स्मिता, विजय नरुला, केसी रंगा, सुभाष नरुला सहित तमिलनाडू से आए अधिकारीगण और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।