बंदरों से परेशान मथाना के लोग घरों को जालियों से ढकने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। पचास लाख सालाना आय और बीस पंचों वाली ग्राम पंचायत मथाना के लिए कुछ बंदरों को पकड़वाना चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। पंचायत की इसी लापरवाही के चलते गांववासी पिछले करीब लंबे समय से बंदरों का आतंक झेलने के लिए मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि गांव की कुछ महिलाओं, बुुजुर्गों एवं बच्चों को बंदर घायल कर चुके हैं, लेकिन पंचायत एवं वन्य जीव विभाग बंदरों को पकड़ने में नाकाम साबित हुए हैं।
गांव निवासी अशोक कुमार, रमेश, राजकुमार, पाला राम तथा विनोद की माने तो इस समय यहां बंदरों की संख्या 50 के आसपास है, जोकि ग्रामीण परिसर में अलग-अलग जगहों पर झुंड के रूप में डेरा डाले रहते हैं। घर में उछलकूद कर हमला करने वाले बंदरों से बचने के लिए लोगों ने बालकनी और खाली जगहों को कवर करने के लिए लोहे की जालियां लगवानी शुरू कर दी है। बंदर इन जालियों को भी तोड़ने की कोशिश करते हैं, जिस कारण लोगों में भय है। लोगों के अंदर पंचायत के खिलाफ भी गुस्सा है। इसके अलावा मथाना की मार्केट में भी बंदर कूच करने से पीछे नहीं हटते। हालांकि पंचायत प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी है, लेकिन वे भी कुछ नहीं कर पा रहे। पंचायत मुखिया के भरोसे बैठे हाथ पर हाथ धरे केवल बंदरों के आतंक की कहानियां सुनने में लगे हैं। पंचायत मुखिया को जानकारी दी थी : पंच
ग्राम पंचायत मथाना के वार्ड-4 से पंच सुमन देवी के पति कुलदीप ने कहा कि गांव में बंदरों की संख्या बढ़ने से समस्या भी पिछले कुछ दिनों से ज्यादा होने लगी है। उन्होंने इस बारे में 15-20 दिन पहले पंचायत मुखिया को मौखिक रूप से जानकारी दी थी, लेकिन बंदर नहीं पकड़े गए। वे केवल अपने तौर पर कुछ नहीं कर सकते। समस्या के बारे में दोबारा से सरपंच को बताएंगे और बंदरों को पकड़वाने का बंदोबस्त करवाएंगे। समस्या की जानकारी नहीं, ग्राम पंचायत को दिए जाएंगे निर्देश : डीडीपीओ
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) कपिल शर्मा ने कहा कि गांव मथाना में पिछले कई साल से बंदरों की समस्या है इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। पंचायत के प्रतिनिधि उनके पास कई बार यहां आ चुके हैं, लेकिन किसी ने भी बंदरों की बात नहीं बताई। ग्रामवासियों को बंदरों से मुक्ति दिलाने के लिए पंचायत को सख्ती से निर्देश दिए जाएंगे। इसके अलावा सहयोग के लिए वन्य प्राणी विभाग को भी सूचित करेंगे।