अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
भारतीय संस्कृति और समाज की रक्षा के लिए संत महापुरुषों का प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में होगा। इसके लिए बाकायदा भारत साधु समाज का प्रदेश कार्यालय कुरुक्षेत्र में खोला गया। कार्यालय का शुभारंभ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी और प्रदेशाध्यक्ष महंत बंसी पुरी ने विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ रिबन काट कर किया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहाकि आज संत महापुरुषों की जिम्मेवारी है कि समाज को संस्कारवान बनाएं और भारतीय संस्कृति का प्रचार करें। उन्होंने कहा कि आज देश के लिए दुर्भाग्य है कि युवा वर्ग ही नहीं अन्य आयु वर्ग के लोग नशे की गर्त में जा रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए संत महापुरुषों पूरे देश में अभियान चलाना चाहिए। इस मुहीम में पूरा भारत साधु समाज सहयोग करेगा। इसके लिए हम कुरुक्षेत्र से योजनाएं निर्धारित करेंगे। प्रदेशाध्यक्ष महंत बंसी पुरी ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का आधार एक परिवार होता है। परिवारों में अगर चरित्र और संस्कारों पर महत्व दिया जाए। अच्छी विचारधारा का प्रवाह हो तो मजबूत राष्ट्र और समाज का निर्माण होगा। महंत बंसी पुरी ने भी कहा कि समाज में ड्रग्स और नशों को रोकने के लिए संत महापुरुषों को आगे आना होगा। कार्यालय शुभारंभ अवसर पर संतों ने पहले दिन बैठक की और भविष्य के लिए कुछ निर्णय भी लिए। इस मौके पर भारत साधु समाज के प्रदेशाध्यक्ष महंत बंसी पुरी, महंत तरण दास, महंत महेश मुनि, महंत रुद्र पुरी, महंत उत्तम गिरि, महंत जगन्नाथ पुरी, महंत महेश मुनि, संत ज्ञानेश्वर, महंत चमन गिरि, महंत विशाल दास, महंत भीम पुरी, स्वामी रोशन पुरी, स्वामी राजेंद्र दास, बुध सिंह, पूर्ण दास, आचार्य स्वामी भास्कर गिरि आदि मौजूद थे।