भाजपा धनाढ्यों के कर्जे तो माफ कर रही, किसानों को नहीं दे रही मुआवजा : रणधीर
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और किसानों ने सोमवार को एक स्वर में दादूपुर नलवी नहर के निर्माण की मांग प्रदेश सरकार से की। 50वें दिन के धरने की शुरुआत एपीसीसी सदस्य रणधीर कश्यप सुलखनी ने की। बलकार सिंह पट्टी, देवराज पट्टी, बलदेव सिंह, मलकीत सिंह, जयमल सिंह, जोगेंद्र सिंह, जगदीश लाल, प्रकाश, प्रेम सिंह, सुखविंद्र किशनगढ़ आदि धरने पर बैठे। एपीसीसी सदस्य रणधीर कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को किसानों से बातचीत करने के बाद यह निर्णय लेना चाहिए था। भाजपा विजय माल्या जैसे धनाढ्यों के कर्जे तो माफ कर रही है, लेकिन कोर्ट के निर्णय पर किसानों को मुआवजा देने की बात आई तो परियोजना को ही बंद कर दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा यह निर्णय वापस नहीं लेती, यह लड़ाई जारी रहेगी। नहर बंद होने से किसानों को नुकसान है या राहत इस मुद्दे पर वह राज्यमंत्री कृष्ण बेदी से खुली बहस के लिए तैयार हैं। यदि राज्यमंत्री इस बहस में सच्चे साबित होते हैं तो उनका हर निर्णय स्वीकार किया जाएगा। कश्यप ने कहा कि असलियत यह है कि यदि नहर बंद होती है तो आने वाले पांच सालों में इस क्षेत्र में सिंचाई संकट गहरा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार और उन किसानों की होगी जो पार्टी को अहमियत देकर नेताओं की हां में हां मिला रहे हैं। क्रमिक अनशन पर बैठे लोगों ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस अवसर पर लखविंद्र सिंह लखा, गुरदीप दीपा गौरीपुर, संदीप चौधरी संभालखी, बिल्ला वडैच, बिट्टू हबाना, जबर सिंह, राहुल माथुर, पिंटू राणा, कर्म सिंह दाऊमाजरा, विक्रम आदि कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।