कुरुक्षेत्र।कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गुलजारीलाल नंदा केंद्र ऑफ एथिक्स, फिलॉसफी, म्यूजियम एंड लाइब्रेरी ने स्वावलंबन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की। केंद्र ने फूलों से प्राकृतिक तिरंगा गुलाल तैयार करने की शुरुआत की, जो स्वदेशी और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद का प्रतीक है।
इस क्रम में केंद्र परिसर में दयानंद महिला महाविद्यालय के सहयोग से एक भव्य संवाद श्रृंखला कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 82 छात्राओं और शिक्षकों ने सक्रिय भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी विजय सबरवाल के व्याख्यान से हुआ। उन्होंने भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा के आधुनिक कुरुक्षेत्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला तथा उनके आदर्शों श्रमिक कल्याण, राष्ट्रीय एकता और स्वदेशी को अपनाने का संदेश दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में केडीबी सदस्य अशोक रोशा ने युवाओं को आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। डॉ. जसविंदर संधू ने उद्यमिता कौशल व स्वावलंबन द्वारा रोजगार के नए मार्ग विषय पर विस्तृत जानकारी साझा की। प्रिय माने जा ने फूलों से हर्बल गुलाल बनाने की विधि समझाई, जबकि श्रीमती गीता ने अपने गीता स्वावलंबी समूह के माध्यम से प्राकृतिक रंग निर्माण का प्रशिक्षण दिया। केंद्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता ने बताया कि छात्राओं ने नंदा के जीवन चरित्र पर आधारित संग्रहालय का अवलोकन किया और तिरंगा गुलाल खरीदने में खास उत्साह दिखाया। संवाद