अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटकों को ब्रह्मसरोवर तट पर गुजरात का लोग नृत्य गरबा देखने को मिलेगा। पर्यटक गुजराती व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे। महोत्सव में गुजरात सरकार की तरफ से गुजरात पैवीलियन स्थापित किया जा रहा है। ब्रह्मसरोवर के आसपास गुजराती शैली में गीता को लेकर भव्य स्थायी द्वार का भी निर्माण किया जाएगा।
महोत्सव में भव्य पैवीलियन बनाने के लिए गुजरात पवित्र धाम विकास बोर्ड के सचिव एवं महोत्सव के लिए नियुक्त किए नोडल अधिकारी कृत एम अधर्वयू एवं संयुक्त निदेशक ने केडीबी का दौरा किया। केडीबी के मानद सचिव मदनमोहन छाबड़ा, केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संयम गर्ग सहित अन्य सदस्यों एवं अधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया। केडीबी की तरफ से गुजरात से आए शिष्टमंडल को 13 से 18 दिसंबर तक गीता महोत्सव के कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और महोत्सव के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
केडीबी के मानद सचिव छाबड़ा ने बताया कि गीता महोत्सव-2018 के लिए राज्य सरकार ने गुजरात को पार्टनर स्टेट बनाया है। इस समझौते के तहत गुजरात के शिष्टमंडल ने केडीबी का दौरा किया। गीता महोत्सव में पुरुषोत्तमपुरा बाग के सामने द्रौपदी कूप परिसर में गुजरात पैवीलियन स्थापित किया जाएगा। इस पैवीलियन में गुजरात की सांस्कृतिक विरासत, गुजराती व्यंजन के अलावा द्वारिका की भव्य झांकियां भी सजाई जाएंगी। पैवीलियन में मंच पर गरबा दिखाया जाएगा। केडीबी का प्रयास है कि पवित्र ग्रंथ गीता के 18 अध्यायों पर आधारित 18 राज्यों के भव्य द्वारा ब्रहमसरोवर के चारों तरफ बनाए जाएं।
गुजरात पैवीलियन में पंहुच सकते हैं कैलाश खेर
मानद सचिव छाबड़ा ने बताया कि गीता महोत्सव में गुजरात सरकार की तरफ से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की योजना तैयार की जा रही है। इसके अनुसार मुंबई से कैलाश खेर एवं अन्य सेलेब्रिटी को आमंत्रित किया जाएगा।