कुरुक्षेत्र। भगवान तिरुपति बालाजी के कुरुक्षेत्र में बने नए घर का आंगन चार हजार किलोग्राम देशी-विदेशी फूलों से महकेगा। जहां उनका स्वागत 81 कर्मकांडी ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण और खास सामग्री से बनी छह फुट लंबी सुगंधित पुष्पमाला से होगा। यानी बालाजी के नये घर का पता होगा तिरुपति बालाजी मंदिर, ब्रह्मसरोवर तट नजदीक मल्टी आर्ट कल्चर सेंटर, कुरुक्षेत्र। यहां विधिवत रुप से एक जुलाई 2018 को उद्घाटन के साथ मंदिर में भगवान बालाजी के दर्शन होंगे।
भगवान के इस नए घर को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट आंध्र प्रदेश द्वारा दक्षिण भारतीय शैली में तैयार किया है, जहां भगवान बालाजी व अन्य देवी-देवता भी विराजेंगे। इस दौरान देवस्थानम ट्रस्ट के मुख्य आचार्य के श्रीनिवासाचायरूलू सहित 81 कर्मकांडी ब्राह्मण इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में मंत्रोच्चारण के करेंगे। एक जुलाई 2018 को मंदिर के विधिवत उद्घाटन के साथ देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिये तिरुपति बाला जी के दर्शनार्थ मंदिर के कपाट खुल जाएंगे।
बता दें कि मंदिर में विराजमान भगवान बालाजी की छह फुट लंबी सुंगधित पुष्प माला पहनाई जाएगी। इस भारी भरकम खास पुष्पमाला को दक्षिण भारत से आए चार कारीगर तैयार कर रहे हैं, जिसमें तुलसी, रजनीगंधा और गुलाब इत्यादि खास सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। बहरहाल मंदिर में पवित्र मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के लिये मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान वीरवार सुबह छह बजे से शुरू हो चुका है। इस मंदिर की साज सजा और एक जुलाई को होने वाले मुख्य कार्यक्रम के दौरान पूजा, पंडाल और पार्किंग के अलावा अन्य व्यवस्थाओं का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
देश-विदेश के इन को फूलों सजाने में जुटे 35 लोग
शिवा फ्लावर एजेंसी के संचालक शिव कुमार गुप्ता के मुताबिक बालाजी मंदिर की साज सज्जा के लिए 35 लोग जुटे हैं और इस सजावट के लिये करीब 40 क्विंटल फूल देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से मंगाएं हैं। इस खास सजावट में 15 क्विंटल कोलकाता गेंदा फूल के अलावा 200 बंडल दिल्ली का गुलाब, 100 बंडल रजनीगंधा, 100 बंडल जरबरा, 100 बंडल ग्लेडस, 20 बंडल कारनेशन, 15 बंडल ओरकेट, आम और केले के पत्तों के सहित अन्य सजावटी सामग्री इस्तेमाल की जा रही है।
2010 भूमि मिली भूमि, 2012 में शिलान्यास, 2018 में उद्घाटन
25 फरवरी 2010 को तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कुरुक्षेत्र में बालाजी टेंपल के लिए तिरुमाला तिरुपति ट्रस्ट को 5.52 एकड़ भूमि देने की घोषणा की थी। इसके पश्चात 14 अगस्त 2012 मंदिर का शिलान्यास केडीबी के तत्कालीन अध्यक्ष एवं हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया एवं तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा एवं तिरुमाला ट्रस्ट के अधिकारियों और ट्रस्ट्यिों ने किया था। अब करीब आठ बाद भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है।
विश्वविख्यात तीन मंदिरों में एक तैयार, दो का इंतजार
पांच साल पहले विश्वविख्यात तिरुपति बालाजी मंदिर, इस्कान टेंपल और अक्षर धाम मंदिर के लिए कुरुक्षेत्र में जमीन अलॉट हो चुकी है। इनमें से बालाजी मंदिर तैयार हो चुका है, जबकि इस्कान टेंपल का काम अभी 50 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है। हालांकि सबसे कम भूमि मिलने के कारण अक्षर धाम मंदिर के निर्माण का काम अभी भी खटाई में है।