फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिहोवा में गीता जयंती महोत्सव शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

पिहोवा।
नगरपालिका चेयरमैन अशोक सिंगला ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। गीता में हर समस्या का समाधान है। नपा चेयरमैन सरस्वती तीर्थ पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के शुभारंभ के बाद कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ नपा चेयरमैन अशोक सिंगला, तहसीलदार चेतना चौधरी, बीडीपीओ प्रेम सिंह, नपा सचिव सुशील कुमार आदि ने किया।
गीता महोत्सव के शुभारंभ के बाद पंजाबी लोक गायक शमिंद्र शम्मी ने सूफियाना गायन पेश किया। उनकी प्रस्तुति दीवनी मैं दीवानी सांवरे की दीवानी.... ने दर्शकों को मोह लिया। गुरुओं, पीरों के चरणों में वंदन को दर्शाती हुई कईं प्रस्तुतियां उन्होंने पेश की। गीता महोत्सव में मणिपुर से आए कलाकारों ने मणिपुरी बसंत रास पेश करके माहौल को कृष्णमय बना दिया। मणिपुर से आए कलाकारों ने अपनी नृत्यावली के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का मंच पर चित्रण किया। गीता नगाड़ा पार्टी ने नगाड़ा खड़ताल, जांझ और बीन की पौराणिक धुनों से भगवान श्री कृष्ण के चरणों में वंदना किया। हरियाणा प्रदेश के सारंगी वादको को सारंगी वाले जोगी के नाम से जाना जाता है। उन्होंने सारंगी पर विभिन्न प्रकार की भक्तिमय तानें छेड़ी। राजस्थान से आए कलाकारों ने कच्ची घोड़ी नृत्य पेश किया। बीन पार्टी ने बसंत ऋतु में गाए जाने वाले रागों पर आधारित धुनें बजाईं। इस मौके पर युधिष्ठर बहल, इकबाल चंद शर्मा, विक्रम चक्रपाणी, सचिन मित्तल, गीता डाबर, महेंद्र सिंह, नरेंद्र तनेजा, प्रवेश कौशिक, कृष्ण टोनी, कुक्कू शर्मा, पार्षद महिंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

आज के कार्यक्रम
गीता महोत्सव में आज भारतेंदु अंध आश्रम, सोनिया शर्मा के साथ अन्य लोक कलाकारों द्वारा बंचारी नृत्य, कच्ची घोड़ी नृत्य, जंगम जोगी, बीन वादन, नगाड़ा प्रदर्शन, बैग पाइपर बैंड की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

पार्क में फैली रही गंदगी
प्रशासन की ओर जिला स्तरीय गीता जयंती कार्यक्रम को धूमधाम से मनाने के बडे़-बड़े दावे किए गए थे। पार्क की बदहाली और गंदगी प्रशासन की पोल खोल रही थी। पार्क में बनी चार दीवारी के बीच पड़ी गंदगी में बेसहारा पशु घूमते दिखे। पार्क में कई दिन पहले सरस्वती का पानी का छोड़ा गया था। इस कारण पार्क में कई जगह कीचड़ हो गई है। इसे छिपाने के लिए प्रशासन ने पर्दा लगाया था।
तीर्थ पर नहीं हुई कोई सजावट
सरस्वती तीर्थ तट पर मनाए जा रहे इस गीता जयंती महोत्सव पर भी प्रशासन का ध्यान इस पर नहीं गया। गीता जयंती पर सरस्वती तीर्थ के घाट भी सूखे हैं। सरस्वती तीर्थ पर लगीं लाइटें टूटी हुई थीं। जो लाइटें लगी हुई हैं वो जलती नहीं हैं। संदीप कुश ने बताया गीता जयंती महोत्सव के बावजूद प्रशासन का तीर्थ की ओर ध्यान नहीं है। गीता जयंती के नाम पर प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।

विधायक को नहीं मिला निमंत्रण, फोन पर दी सूचना
पिहोवा से इनेलो विधायक जसविन्द्र संधू ने बताया कि प्रशासन की ओर कोई निमंत्रण नहीं भेजा गया। उन्हें सिर्फ फोन पर ही सूचना देकर खानापूर्ति की गई। यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी उन्हें कोई निमंत्रण नहीं दिया गया। इनेलो हलका युवा प्रधान राजू रामगढ़ रोड ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव एक धार्मिक कार्यक्रम है। इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। जसविन्द्र संधू हलका पिहोवा से विधायक हैं। उनकी अनदेखी करना गलत है।
विज्ञापन

खाली रहे स्टॉल
विभिन्न विभागों की ओर से गीता जयंती पर प्रदर्शनी स्टॉल लगाए थे। जिसका मकसद जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी देना था। इन स्टॉल से अधिकारी नदारद रहे। इस कारण लोगों में प्रदर्शनी को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखी। इस बार गीता जयंती कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने ज्यादा प्रचार नहीं किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें