हरियाणा की सांस्कृतिक विकास का आइना है रत्नावली : बेदी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि हरियाणा की युवा पीढ़ी रत्नावली के माध्यम से हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को जिंदा रख रही है। ऐसी पीढ़ी पर प्रदेश के हर व्यक्ति को नाज है। वे शनिवार को युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग की ओर से आयोजित राष्ट्रीय रत्नावली उत्सव के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पिछले 33 वर्षों से जिस तरह से हरियाणा की लोक संस्कृति को सहेजने का काम कर रहा है, वह काबिल-ए- तारीफ है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने पिछले 50 वर्षों में हरियाणा प्रदेश को अच्छे नेता, अभिनेता, इंजीनियर और शिक्षाविद् दिए हैं। हरियाणा प्रदेश के विकास में केयू का योगदान सराहनीय है।
इस मौके पर उन्होंने रत्नावली महोत्सव-2017 की विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी रहे प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने कहा कि रत्नावली सांस्कृतिक महाकुंभ की देश में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संस्कृति और संवर्धन करने का काम कर रहा है। हरियाणा के स्वर्ण जयंती वर्ष को समर्पित रत्नावली का आगाज वर्ष 1985 में और विधाओं के साथ हुआ था।
लावणी नृत्य को दर्शकों ने सराहा
रत्नावली महोत्सव के पांचवें दिन आडिटोरियम हॉल के मंच पर हरियाणवी धमाल और नेपाली कमाल देखने को मिला। देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकारों ने भव्य प्रस्तुतियां दीं। शुरुआत राजस्थानी नृत्य के साथ हुई। उसके बाद पंजाब की लोक साज की प्रस्तुति ने दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। कश्मीर के घूमरी लोकनृत्य पर भी दर्शकों ने ठुमके लगाए। इसके साथ ही महाराष्ट्र का लावणी नृत्य भी सभी को पसंद आया।
रत्नावली महोत्सव 2017 में इन टीमों को किया गया सम्मानित
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय रत्नावली महोत्सव 2017 में आयोजित हुई प्रतियोगिताओं में रिचुअल में डीएन पीजी कॉलेज हिसार को प्रथम, गर्वनमेंट कालेज भिवानी को दूसरा और केएम गवर्नमेंट कॉलेज नरवाना जींद को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।