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संगीनों के साए में दिया गया एमआर ग्रुप के लीडर मोनू राणा को एलएनजेपी सिविल अस्पताल में उपचार

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कड़ी सुरक्षा के बीच कुख्यात मोनू राणा का सिविल अस्पताल में हुआ उपचार
- दूसरे गैंग की ओर से हमला किए जाने की थी आशंका, दो दर्जन हथियारबंद पुलिस कर्मियों का बना रहा घेरा
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जिला जेल में बंद कुख्यात अपराधी मोनू राणा की बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे जिला जेल से सिविल अस्पताल उपचार के लिए लाया गया। इस दौरान दो दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मी उसकी सुरक्षा के लिए तैनात रहे। राणा को चार माह पूर्व ही यमुनानगर से कुरुक्षेत्र जेल में शिफ्ट किया है। गैंगवार की आशंका के मद्देनजर उपचार के तत्काल बाद ही उसे कड़ी सुरक्षा में फिर जेल पहुंचा दिया गया।
लोक नायक जयप्रकाश सिविल अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक मोनू राणा को यूरिन से संबंधित परेशानी थी। जिसके उपचार के लिए उसे जेल से यहां लाया गया।
अंबाला जिला में हत्या के एक मामले में पिछले चार माह से जिला जेल में बंद मोनू राणा की सुबह ही तबियत खराब हो गई, जिसे पहले जेल में तैनात चिकित्सक द्वारा उपचार दिया गया तो इसके बाद उसे एलएनजेपी अस्पताल में ले जाया गया। जेल से ले जाने से लेकर अस्पताल में उपचार दिए जाने तक करीब डेढ़ दर्जन हथियारबद्व पुलिस कर्मी उसकी सुरक्षा में घेरा बनाए रहे। जेल व पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि विरोधी गैंग उस पर हमला न कर दें। कड़ी सुरक्षा के बीच ही उसे उपचार के बाद वापस जेल में लाया गया। अस्पताल में अचानक ही इतनी संख्या में हथियारबद्व पुलिस कर्मियों को देख अन्य मरीज भी सकते में आ गए। बताया जा रहा है कि पहले हुए हमले में मोनू राणा को गोली लगी है, जिसके बाद उसे यूरिन को लेकर परेशानी चल रही है। बुधवार को यह परेशानी बढ़ गई थी, जिसके चलते उसे एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया। बता दें कि पिछले चार माह पहले अंबाला सैंट्रल जेल से उसे कुरुक्षेत्र जेल में शिफ्ट किया गया था। जिला जेल अधीक्षक डॉ संजय सिंह का कहना है कि बंदी मोनू राणा को यूरिन से संबंधित परेशानी आई थी, जिसके चलते उसे एलएनजेपी सिविल अस्पताल ले जाना जरूरी था। इस बीच उस पर हमले की आशंका थी, जिसके चलते कड़ी सुरक्षा की गई और उपचार के बाद उसे वापस जेल लाया गया।
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कोर्ट में मारी गई थी राणा को गोली
मोनू राणा को अंबाला सीआईए-1 टीम ने गिरफ्तार किया था। हालांकि उसे यमुनानगर कोर्ट में गोली लगने के बाद स्पाइन की प्रॉब्लम आ रही थी, इसलिए उस समय उसके सरेंडर करने की संभावनाएं प्रबल हो गई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद बराड़ा से अपहरण हुए शामली निवासी विवेक मर्डर केस को लेकर पूछताछ की थी। विवेक एमआर ग्रुप की तमाम सूचनाएं शहजादपुर निवासी साहिल के जरिए बीआर ग्रुप तक पहुंचाता रहा था, इसलिए उसकी अपहरण के बाद हत्या कर दी थी।
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