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सफाई कर्मचारियों के सहारे नप का फॉगिंग अभियान, लगातार बढ़ रही डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या
- नप के पास 12 फॉगिंग मशीनें, प्रशिक्षित कर्मी एक भी नहीं
- सफाई कर्मियों की दो टीमें व चार फॉगिंग मशीनें शहर के 31 वार्डों में कर रही हैं फॉगिंग
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। शहर में मौसम परिवर्तन के साथ संदिग्ध डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या थमने का नाम नहीं ले रही। जबकि नगर परिषद का फॉगिंग अभियान सिर्फ छह सफाई कर्मचारियों के सहारे चल रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए नगर परिषद के पास कोई भी फॉगिंग मशीन ऑपरेटर नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, नप कार्यालय में 12 फॉगिंग मशीनें हैं, लेकिन प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी के चलते इनमें से अधिकतर मशीनें जंग खा रही हैं। महज चार मशीनों से ही शहर में फॉगिंग कराई जा रही है और इन्हें भी छह सफाईकर्मियों को सौंपा हुआ है। तकनीकी जानकारी के अभाव में वे भी इस अभियान को सफल बनाने में असफल हैं। इन सफाई कर्मियों की मानें तो तकनीकी जानकारी के अभाव में वे भी जान जोखिम में डालकर फॉगिंग करने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, नप की छह सफाई कर्मचारियों की दो टीमें एवं चार मशीनों के सहारे शहर के 31 वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है।
डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में किया गया एंटी लारवा दवा का छिड़काव
मलेरिया विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने शहर के डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लारवा अभियान चलाया। मंगलवार को सेक्टर-13, सेक्टर-17, गुरुद्वारा छठी पातशाही, पुलिस लाइन, साधु मंडी, सलारपुर रोड, अमीन रोड, शास्त्री नगर, विष्णु कॉलोनी, दयानंद कॉलोनी, गांधी नगर सहित अन्य क्षेत्रों में लारवा की गहनता से जांच कर दवाई का छिड़काव कर लारवा को नष्ट किया गया।
डेंगू के लक्षण
- तेज ठंड और बुखार
- कमर, मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में तेज दर्द
- हल्की खांसी, गले में दर्द और खरास
- शरीर पर लाल-लाल दाने दिखाई देना
- थकावट, भूख न लगना और कमजोरी
- उल्टी और दर्द
चिकित्सकों के अनुसार, ये बरतें हिदायतें
- रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजें दें, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो
- मरीज को पपीते के पत्ते पानी में या पीस कर दिए जा सकते हैं। यह शरीर में प्लेटलेट्स बढ़ाते हैं, लेकिन पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- मरीज को डिस्प्रिन और एस्प्रिन की गोली नहीं दें।
- बुखार कम करने के लिए पेरासिटामॉल की गोली दी जा सकती है।
- जितना हो सके नारियल पानी और जूस पिलाएं।
लारवा मिलने पर हो सकता है दो हजार तक का जुर्माना
उपसिविल सर्जन एवं मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता ने बताया कि किसी भी संस्था, प्लॉट व मकान में मच्छरों का लारवा मिलने पर हरियाणा म्यूनिसिपल अधिनियम 1973 की धारा 214 के अनुच्छेद एक के तहत मलेरिया विभाग की ओर से लोगों को नोटिस थमाया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति नोटिस जारी करने के 48 घंटे बाद भी टीम के सुझाव की पालना नहीं करता तो पुन: निरीक्षण कर अधिनियम की धारा 98 के तहत उसको 300 से 2000 रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।
इस मच्छर के काटने से होता है डेंगू
विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू बुखार मादा एडीज एजिप्टाई मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर आम तौर पर दिन के समय में ही काटता है और घरों के अंदर ठंडी व अंधेरे वाली जगह पर पाया जाता है। काटने के बाद यह मच्छर घंटों तक ठंडी जगह परदों के पीछे दीवार पर व अल्मारी आदी के पीछे आराम करता है।
गत वर्ष 328 डेंगू के मिले थे पॉजिटिव केस
विभागीय जानकारी के अनुसार गत वर्ष 328 डेंगू व 40 मलेरिया के पॉजिटिव केस मिले थे, लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा छह डेंगू मरीजों की पुष्टी की गई है। जबकि जिले भर में 281 मरीजों को संदिग्ध डेंगू की नजर से देखा जा रहा है।
अब सीएमओ पत्रकारवार्ता कर देंगे डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जानकारी
मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. सुदेश सहोता ने बताया कि जिले भर की डेंगू संबंधित आंकड़े की जानकारी वीरवार को प्रेस वार्ता कर सिविल सर्जन डॉ सुखबीर सिंह देंगे। मंगलवार को मलेरिया विभाग की लैब में आईजीएम और एनएच वन के करीब 12 टेस्ट किए गए, जो नेगेटिव आए हैं। अब मलेरिया विभाग वीरवार को सभी सैंपलों की जांच करेगा, जिनकी पुष्टि प्रेस वार्ता में की जाएगी। बता दें कि संदिग्ध डेंगू के मरीजों को लेकर अमर उजाला द्वारा प्रमखता से मामला उठाया है, जिसके बाद ही अब विभाग के अधिकारियों की नींद खुली है। सीएमओ पहली बार इस संबंध में पत्रकारवार्ता कर विस्तार से जानकारी देने को तैयार हुए है।
मशीन ऑपरेटर की भारी कमी: बिश्नोई
नप के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंद्र बिश्नोई ने बताया कि नगर परिषद में फॉगिंग मशीन ऑपेटर की भारी कमी है। नप द्वारा छह सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है। जो शहर भर में चार फॉगिंग मशीनों के सहारे कार्य कर रहे हैं। मंगलवार को फॉगिंग टीम ने वार्ड 24 में फॉगिंग की। जहां से डेंगू मरीज की सूचना मिलती है तो वहां तुरंत प्रभाव से फॉगिंग कराई जाती है।