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किशनगढ़ के सरपंच का मैट्रिक प्रमाणपत्र निकला फर्जी, निलंबित
- चुनाव के समय लगाया जम्मू से बना प्रमाणपत्र, बाद में बदला, आरटीई में खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहाबाद। गांव किशनगढ़ के सरपंच का मैट्रिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अब यह जिम्मेदारी पंचायती राज एक्ट 1994 के तहत बहुमत हासिल करने वाले किसी पंच को दी जाएगी।
सरपंच के जाली प्रमाण पत्र का खुलासा इसी गांव के रोशन लाल ने आरटीआई के माध्यम से किया। रोशन लाल ने बताया पंचायत चुनाव के समय यहां तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जिसमें सरपंच रणजीत सिंह ने करीब 82 मतों से चुनाव जीत था। बाद में सूचना मिली की सरपंच रणजीत ने चुनाव के दौरान जमा कराए दस्तावेजों में शैक्षणिक योग्यता में जो मैट्रिक का प्रमाणपत्र लगाया, वह फर्जी है। उसने तुरंत बीडीपीओ कार्यालय शाहाबाद में आरटीआई से इसकी जानकारी मांगी और सरपंच का मैट्रिक प्रमाणपत्र निकलवाया, जोकि जम्मू बोर्ड से जारी हुआ था। जिला शिक्षा अधिकारी के पास भी शिकायत की, लेकिन छह माह तक कोई जवाब न मिलने पर प्रमाणपत्र को लेकर स्कूल पहुंचा। स्कूल प्रशासन ने प्रमाणपत्र को फर्जी करार दिया। करीब एक वर्ष बाद जम्मू बोर्ड से प्रमाणपत्र के फर्जी होने की जानकारी पत्र व्यवहार से शाहाबाद बीडीपीओ कार्यालय में भेजी गई। लेकिन उससे पहले ही सरपंच ने मिलीभगत कर दस्तावेज के साथ लगाए जम्मू के मैट्रिक प्रमाण पत्र को बदल दिया और वहां कर्नाटक से बना मैट्रिक प्रमाण पत्र लगा दिया। रोशन लाल ने कहा कि जम्मू एवं कर्नाटक दोनों बोर्ड से बने प्रमाण पत्र में रोल नंबर 1994001 दर्शाया गया और प्राप्तांक भी एक जैसे हैं। वहीं, कर्नाटक बोर्ड से बने प्रमाण पत्र में प्राप्तांक 389 दिखाए गए हैं और इनका जोड़ 384 बन रहा है। फिलहाल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सरपंच को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच जारी है।
बीडीपीओ दीनानाथ शर्मा ने बताया कि डीसी से प्राप्त पत्र के तहत सूचना सरपंच को भेज दी गई है। आगामी जांच एसडीएम शाहाबाद एवं पुलिस प्रशासन की ओर से की जाएगी। वहीं एसडीएम सतबीर कुंडू ने फिलहाल जांच के संदर्भ में कोई अधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं होने की बात कही।