अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन इस बार भी किसानों से लेकर आढ़तियों को हर सीजन की तरह काफी समस्याओं का सामना करना होगा। अधिकारियों के बेहतर व्यवस्था किए जाने के बड़े-बड़े दावों के बावजूद पीने के पानी से लेकर अन्य मूलभूत सुविधाएं भी चौपट पड़ी है, जिनकी अनाज मंडी से लेकर जिला प्रशासन ने भी अभी तक कोई सुध नहीं ली है। कहीं से पेयजल कूलर ही गायब है तो कहीं गंदगी के ढेर लगे है। मंडी में सफाई व्यवस्था से लेकर धान डालने के लिए पर्याप्त जगह बनाए जाने की भी जहमत नहीं उठाई गई है। हालात यह है कि खस्ता हाल हुई मंडी की सड़कों के गड्ढों भरने की याद भी प्रशासन को धान की आवक शुरू होने के बाद ही आई है। यहां तक कि अनाज मंडी में धान खरीद से लेकर उठान तक की योजना पर भी अभी तक कोई कार्य नहीं हो सका है और न ही प्रशासन ने आढ़तियों के साथ बैठक कर व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कोई जहमत उठाई है। ऐसे में यहां बेहतर व्यवस्था समय रहते बन पाएगी, इस पर हर किसी को संदेह बना हुआ है। हालांकि हर सीजन में धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू होती है, लेकिन इस बार धान की सरकारी खरीद कब शुरू होगी अभी तक यह अधिकारियों को स्पष्ट नहीं हो पाया है। धान खरीद को लेकर अधिकारियों के पास कोई निर्देश भी नहीं पहुंचा है। वहीं मार्केट कमेटी अधिकारियों की मानें तो अभी वे अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे है।
मंडी सड़क पूरी तरह खस्ताहाल तो धान की जगह पर लगे बजरी के ढेर
अनाज मंडी के दोनों मुख्य द्वारों को जोड़ने वाली सड़क जहां पूरी तरह से खस्ताहाल है वहीं इसी सड़क के साथ ही मंडी के एक बड़े भाग में बजरी व अन्य निर्माण सामग्री के भी कई माह से ढेर लगे हुए है। आढ़तियों की मानें तो यहां लाखों क्विंटल धान हर सीजन में डाली जाती है, लेकिन सीजन शुरू हो जाने के बावजूद भी प्रशासन ने बजरी व निर्माण सामग्री के ढेर हटाने के भी जहमत नहीं उठाई है। ऐसे में धान सीजन तेज होने पर मंडी में जगह की बड़ी समस्या हो सकती है।
समय रहते प्रशासन को करनी चाहिए थी व्यवस्था : बंसल
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दौलत राम बंसल का कहना है कि प्रशासन को समय रहते व्यवस्था दुरूस्त करनी चाहिए थी। पिछले दो दिनों से धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन अभी भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। हर सीजन की तरह इस बार भी किसानों व आढ़तियों को परेशानी झेलने को मजबूर होना पड़ेगा।
20 सितंबर से शुरू होनी चाहिए खरीद : मेहर सिंह
आढ़ती मेहर सिंह रामगढ़ का कहना है कि सरकार हर बार एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू करती है जबकि अभी से धान की आवक जल्द होने लगी है। सरकार को 20 सितंबर से खरीद शुरू करनी चाहिए। प्रशासन व्यवस्था को लेकर आढ़तियों की बैठक तक नहीं ले पाया है। दूसरी व्यवस्था भी बदहाल ही पड़ी हुई है, जिससे किसानों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
उठान एजेंसियां अभी तय नहीं, अन्य व्यवस्था की जा रही दुरूस्त : सचिव
मार्केट कमेटी सचिव राहुल मियो का कहना है कि जिला उपायुक्त धान खरीद सीजन को लेकर संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर दिशा- निर्देश दे चुके है, लेकिन अभी उठान एजेंसियां तय नहीं है। मंडी में सड़कें दुरूस्त करवानी शुरू कर दी है जबकि पेयजल, शौचालय, सफाई सहित अन्य व्यु्था जल्द ही बेहतर कर दी जाएंगी। किसानों व आढ़तियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। धान खरीद कब से शुरू होगी, यह अभी उनके पास निर्देश नहीं आए है, लेकिन हर बार एक अक्तूबर से ही खरीद शुरू होती है।
2600 रुपये प्रति क्विंटल बिका 1509 किस्म का धान
अनाज मंडी में दो दिनों से 1509 किस्म का धान पहुंचने लगा है और इसकी खरीद भी की जाने लगी है। इस बार इस किस्म की धान की खरीद पिछले सीजन के मुकाबले करीब 200 रुपये तेजी से शुरू हुई है। वीरवार को थानेसर अनाज मंडी में करीब 500 क्विंटल धान पहुंचा, जो 2615 रुपये अधिकतम भाव तक बिका जबकि कंबाईन से कटाई किए गए इस धान का भाव 2250 रुपये रहा। संभावना जताई जा रही है कि मोटा धान भी करीब डेढ़ सप्ताह तक मंडी में पहुंचना शुरू हो जाएगा।