अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हड़ताल कर रहे 95 कर्मचारियों को टर्मिनेट किए जाने के विरोध में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को केयूके आदर्श थाने में पहुंचकर पहले दो घंटे तक धरना दिया और बाद में सामूहिक गिरफ्तारी दी। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की तो वहीं पुलिस प्रशासन ने करीब एक घंटे तक कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें सामूहिक रूप से रिहा कर दिया। सभी कर्मचारी सुबह ही एलएनजेपी अस्पताल के सामने एकत्रित हुए। इसके बाद जिला प्रधान सुभाषवती के नेतृत्व में धरना स्थल से जुलूस निकालते हुए केयूूके थाना पहुंचे। कर्मचारियों द्वारा सामूहिक गिरफ्तारी का ऐलान करने के बाद जिला प्रशासन ने पिहोवा के नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से महिला थाना से सब इंस्पेक्टर सत्यवती को मौके पर बुलाया गया। जबकि केयूके थाना प्रभारी छोटू राम एवं थर्ड गेट चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह की मौजूदगी में सभी कर्मचारियों ने गिरफ्तारी दी। नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने जनसंघर्ष मंच जिला उपप्रधान ऊषा कुुमारी सहित 100 बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की सामूहिक गिरफ्तारी मंजूर की। पुलिस द्वारा कागजी कार्रवाई करने के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई पूरी किए जाने पर उनकी रिहाई की घोषणा की जबकि जिन 10 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ पुलिस ने एस्मा का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया था, उन कर्मचारी नेताओं ने खुद मंगलवार को केयूके थाना में पेश होकर गिरफ्तारी दी। पुलिस ने सभी कर्मचारी नेताओं गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहीं सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने हड़ताल कर रहे बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को समर्थन दिया। जिला प्रधान सुभाषवती ने कहा कि सरकार द्वारा धरना दे रहे कर्मचारियों पर एस्मा जैसे काले कानून थोपकर कर्मचारियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन कर्मचारी किसी के दबाव में आने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग ने 95 बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया है। जबकि स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर एस्मा का उल्लंघन करने के विरोध में पुलिस ने 10 कर्मचारी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार जब तक टर्मिनेट किये हुए 95 कर्मचारियों को बहाल नहीं करती और जिन 10 कर्मचारियों पर एस्मा के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है, उनको वापस नहीं लेने तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मांग लेती, लेकिन कर्मचारी इस प्रकार की कार्रवाई को बर्दास्त नहीं करेंगे। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ से सुरेश गुढ़ा, जिला सचिव ओमप्रकाश, सुनील रत्न, आनंद सिंह, कृष्ण कुमार सहित बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे।
सरकार के राजनीतिक मोक्ष की प्राप्ति के लिए हवन आज
जिला प्रधान सुभाषवती ने कहा कि बुधवार को सभी बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी थीम पार्क में एकत्रित होकर सरकार के राजनीतिक मोक्ष की प्राप्ति के लिए हवन का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बहुउद्देेश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी 27 अगस्त से अपनी मांगों की अधिसूचना लागू कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन सरकार ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए एक बार भी नहीं बुलाया।
एस्मा के उल्लंघन में नामजद 10 आरोपी हुए खुद पेश तो पुलिस को मिली राहत
एस्मा का उल्लंघन करने के आरोप में पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर 6 व 7 सितंबर को 10 बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस प्रशासन की ओर से इन 10 कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए दो टीमें गठित की गई थी। पुलिस की टीमों ने कर्मचारी नेताओं के घरों में देर रात तक कई बार छापेमारी की गई, लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे,लेकिन मंगलवार को इस मामले में बड़ी राहत मिली। ये 10 कर्मचारी नेता खुद गिरफ्तारी देने के लिए पहुंचे। पुलिस ने सभी कर्मचारी नेताओं को कस्टडी में लेकर अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट ने 10 कर्मचारी नेताओं को जमानत पर किया रिहा
पुलिस ने बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन की जिला प्रधान सुभाषवती, राज्यकार्यकारिणी सदस्य प्रवीन, कोषाध्यक्ष कुलदीप, सचिव मनोज, पूर्व राज्य प्रधान डॉ. सुदेश कुमार, हेल्थ इंस्पेक्टर जगफूल सिंह, पूर्व प्रधान अमरजीत, कृष्णा देवी एवं कृष्णा मलहोत्रा को न्यायाधीश चितेश गुप्ता की कोर्ट में पेश किया। जहां न्यायाधीश चितेश गुप्ता ने इन सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को जमानत देते हुए रिहा कर दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी।