फोटो नंबर-15 से 19 व 28 से 31
- केयू के 1350 गैर शिक्षक कर्मचारी अनिश्चित हड़ताल पर, कामकाज रहा ठप
- केयू प्रशासन ने कुंटिया से बातचीत के लिए कमेटी का किया गठन
- केयू की तीनों परीक्षा शाखा, प्रशासनिक भवन सहित अन्य कार्यालय रहे बंद
- दूर-दराज से आए सैकड़ों विद्यार्थी अपने कार्य न होने के चलते दिनभर भटकते रहे
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। केयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के आह्वान पर करीब 1350 कर्मचारी केेयू प्रशासन द्वारा नो वर्क, नो पे के आदेशों को दरकिनार कर मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल चले गए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते केयू के सभी कार्यालयों सहित सभी परीक्षा शाखाओं में काम-काज पूरी तरह से ठप रहा। वहीं केयू प्रशासन ने कुंटिया पदाधिकारियों से बातचीत का रास्ता खोल दिया है और कमेटी का गठन कर दिया है।
कुंटिया के पदाधिकारी सुबह 8 बजे कुंटिया कार्यालय में एकत्रित हुए और एडम ब्लॉक के समक्ष धरना दिया। धरने का नेतृत्व कर रहे कुंटिया के प्रधान रामकुमार गुर्ज्जर ने कहा कि केयू प्रशासन शैक्षणिक योग्यता पूरी किए बगैर पदोन्नति देने से साफ इनकार कर दिया है। इसके अलावा सन 2016 के बकाया सातवें वेतन आयोग का एरियर व अन्य मांगें पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं तब तक कुंटिया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेगी। महासचिव नीलकंठ शर्मा, सहसचिव रवींन्द्र तोमर व कोषाध्यक्ष अनिल लोहाट ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने सहायक कुलसचिव और उपकुलसचिव की प्रमोशन में कुंटिया व कर्मचारियों से धोखा किया। उन्होंने आरोप लगया कि प्रशासन ने वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर जूनियर अधिकारियों की प्रमोशन करवाई है। केयू में शुरुआत से ही कर्मचारियों की प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर होती आई है, लेकिन प्रशासन जानबूझकर विश्वविद्यालय में अशांति का माहौल पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारियों की सभी तरह की बकाया राशी का भुगतान विश्वविद्यालय प्रशासन नहीं करता और सभी अधिकारियों की प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर नहीं करता तब तक कर्मचारियों के पास हड़ताल के इलावा कोई रास्ता नहीं है। इस अवसर पर कुंटिया पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, संत कुमार, भूषण कुमार, तेजा सिंह, नरेश चौधरी, रामफल, पुष्पेंद्र तोमर, सतीश कुमार, प्रियंका श्योकंद, राजकुमार ढींगड़ा, मनीष बालदा, विजय गौड़, अमित भटनागर व डॉ. जीत सिंह शेर मौजूद रहे।
डीएमसी के लिए हिसार से पहुंचा केयू: रामबीर
हिसार से सुबह 6 बजे केयू के लिए रवाना हुआ था। करीब 10 बजे विश्वविद्यालय पहुंचा। एमकॉम की डीएमसी बनवाने विश्वविद्यालय में आया था, लेकिन परीक्षा भवन पहुंचा तो भवन का मुख्य गेट बंद मिला। यहां पता चला कि आज से कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है।ं इससे संबंधित केयू प्रशासन को पहले ही बेवसाइट के माध्यम से सूचित करना चाहिए था।
- रामबीर, छात्र
बीकॉम की डीएमसी लेने आया था: चमन
बीकॉम के पहले व छठे समेस्टर की डीएमसी लेने कालका से केयू आया था। जैसे ही परीक्षा भवन पहुंचा तो भवन को बंद देख हैरान रह गया। प्रशासन को बेवसाइट पर सूचना डालनी चाहिए थी। ताकि दूर-दराज के विद्यार्थियों को कोई परेशानी न हो।
- चमन, छात्र
विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही है परेशानियां: शेखर धीमान
कालका से केयू के कई बार चक्कर काट चुका हूं। बुधवार को डीएमसी लेने केयू आया तो कर्मचारियों की हड़ताल की जानकारी मिली। पहले भी कई बार चक्कर काट चुका हूं, लेकिन यहां के कर्मचारियों ने कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया। इसकी वजह से विद्यार्थियों को काफी सारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
- शेखर धीमान, छात्र, कालका
डिग्री लेने आया था नहीं मिली : प्रिंस
एमए पंजाबी की डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचा हूूं। कई बार पहले भी केयू में डिग्री बनवाने के लिए आ चुका हूं, लेकिन काफी चक्कर काटने के बाद भी डिग्री नहीं बनी। बुधवार को सुबह ही डिग्री से संबंधित परीक्षा भवन पहुंचा तो आगे कर्मचारियों की सूचना मिली। दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को काफी सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रिंस, छात्र, अंबाला
केयू ने जारी किए एक करोड़
केयू जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के निदेशक डॉ. तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा के निर्देशानुसार कुंटिया प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 5 सदस्य कमेटी गठित की है। यह कमेटी कुंटिया के नेताओं से बातचीत के लिए न्योता देगी। क्योंकि यह हड़ताल केयू के हित में नहीं है। इस कमेटी में डीन एकेडमिक अफेयर डॉ. श्याम कुमार, केयूके प्रॉक्टर डॉ. आरके देशवाल, डीन कॉमर्स मंजुला चौधरी, कंट्रोलर एग्जाम डॉ. हुकम सिंह व वित्त अधिकारी हरजीत सिंह को शामिल किया गया है। कर्मचारियों की डीए की एक करोड़ की राशि सोमवार को रिलीज कर दी गई थी। जबकि सातवें वेतन आयोग के एरियर के 10 करोड़ कर्मचारियों को राज्य सरकार से केयू को मिलने वाले 100 करोड़ की बकाया ग्रांट के बाद ही रिलीज किया जाएगा।