सरस्वती तीर्थ पर होती है मन, बुद्धि और आत्मा पवित्र : इंद्रेश
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा।
अखिल भारतीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरस्वती तीर्थ पर मन, बुद्धि और आत्मा को पवित्रता मिलती है। पूरे विश्व में केवल भारत ऐसा देश है, जहां पवित्रता और शांति की प्राप्त होती है। इंद्रेश कुमार सोमवार को सरस्वती तीर्थ पर चल रहे पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरस्वती नदी विश्व की धरोहर है। मानव जाति के कल्याण के लिए सरस्वती का धरती पर अवतरण हुआ है। सरस्वती ज्ञान की देवी है। इसके पावन तट पर वेदों की रचना हुई। इस संसार का अंतिम ईश्वरीय संदेश गीता से आया। विद्या, ज्ञान और अमरता का प्रतीक भी सरस्वती को माना जाता है। पूरी दुनिया के लोगों ने बाहरी शरीर की सुंदरता के लिए कॉस्मेटिक पदार्थ बनाए। भारत ही एक ऐसा देश है, जहां पर मन, बुद्धि और आत्मा को खूबसूरत बनाने का उत्पादन होता है। उन्होंने कहा कि भारत के तीर्थो पर पूरी दुनिया से लोग आते हैं। इसलिए भारत को विश्व गुरु माना गया है। उन्होंने कहा कि विदेशों में पढ़े लिखे लोग मिल जाते हैं, सही मायने में संस्कारयुक्त इंसान केवल भारत में मिलते हैं। विश्व को तमाम संकटों से भारत की वैदिक संस्कृति के माध्यम से ही मुक्ति मिल सकती है। सरस्वती तीर्थ पर इस तरह के आयोजन होने से नए सूत्रपातों का सृजन होता है। भविष्य में इस तीर्थ को और अधिक भव्यता प्रदान करते हुए आदर्श तीर्थ के रूप में स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण भारती, लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारती, एसीएस अमित झा, एसीएस श्रीकांत वाल्गद, डीसी सुमेधा कटारिया भी मौजूद रहीं।
सरकार ने पहली बार विधान सभा के पटल पर रखा सरस्वती का नाम : पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आगाज आदिबद्री की पावन धारा से हुआ। सरकार द्वारा पहली बार विधान सभा के पटल पर सरस्वती का नाम लाया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने लुप्त हुई सरस्वती को दोबारा से धरा पर लाने का प्रयास सराहनीय है। आदिबद्री में सरस्वती एक्सप्रेस बस सिरसा तक चलाई गई है। कहा कि महोत्सव में देश के साथ विदेशों के पयेटकों ने भी सरस्वती तीर्थ को यहां आकर नमन किया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण ने कहा कि हम सब भाग्यशाली हैं कि अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन पिहोवा की पावन धरा पर हुआ। सरस्वती तीर्थ पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते है। सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज ने कहा कि सरस्वती तीर्थ पर महाजलाभिषेक से समरसता का एक सशक्त संदेश मिला है। आने वाले चैत्र चौदस के मेले तक इसकी भव्यता में और निखार लाया जाएगा। विश्व स्तरीय वास्तुकारों द्वारा इस तीर्थ पर वास्तुशास्त्र कला से संबधी कार्य किया जाएगा, जिससे तीर्थ की पौराणिक भव्यता में निखार आएगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पिहोवा में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त सरकारी अस्पताल का निर्माण भी किया जाएगा। डीसी सुमेधा कटारिया ने कहा कि सभी लोगों ने इस महोत्सव में अपना सकारात्मक सहयोग दिया है। इस मौके पर वन विकास निगम के अध्यक्ष अरुण सर्राफ, हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. विरेंद्र चौहान, प्रांत प्रचारक विजय, जिलाध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, नपा चेयरमैन अशोक सिंगला, हरपाल चीका, युद्धिष्ठर बहल, कैलाश भक्त, सचिन मित्तल, रिंकू थाना, तरण वडैच, दीपक अत्री, गुरविंद्र सिंह, महिंद्र सिंह, एडीसी धर्मबीर सिंह, एसडीएम पूजा चावंरिया, सीटीएम कंवर सिंह, तहसीलदार चेतना चौधरी, बीडीपीओ प्रेम सिंह, नपा सचिव सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
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श्यामलाल बागड़ी की पुस्तक का हुआ विमोचन
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महोत्सव के समापन अवसर पर अखिल भारतीय कार्यकरणी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सदस्य इंद्रेश कुमार, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भारत भूषण भारती, सरस्वती बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रशांत भारद्वाज, एसीएस अमित झा व श्रीकांत वाल्गद ने श्यामलाल बागड़ी द्वारा सरस्वती तथा रामायण के 11 हजार दोहे वाली पुस्तक का विमोचन किया।