अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों ने कड़ा रोष जताया। सर्वकर्मचारी संघ और कर्मचारी महासंघ के साथ मिलकर कर्मचारियों दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान बस अड्डे पर घूम-घूम कर यात्रियों के बीच ही नारेबाजी भी की। उन्होंने कर्मचारी विरोधी निर्णय वापस लेने की मांग की तो सही निर्णयों की सराहना भी की।
इस दौरान कर्मचारियों ने हाल ही में सरकार द्वारा रोडवेज के 8,200 कर्मचारियों को पक्के से कच्चे करने के निर्णय पर रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने वर्कशॉप गेट पर धरना दिया। इस दौरान डिपो प्रधान राजेश गोयल, सचिव सुरेंद्र बारवा, राजेश रोहिल्ला के अलावा माया राम उनियाल सहित अन्य कई कर्मचारी नेताओं ने भी धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित किया। धरने में डिपो के अधिकतर कर्मचारी शामिल हुए। इसके चलते अनेकों बसों के इस दौरान पहिये थमे रहे तो यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। धरने के दौरान कर्मचारियों ने बस अड्डे के फेर लगा कर सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने मांग करते हुए कहा कि सरकार न केवल अपने इस निर्णय को वापस लें, बल्कि विभाग में रिक्त पड़े पदों पर जल्द स्थाई भर्ती करें। ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगाई जाए, निजी बसों को लेकर बनाई गई पॉलिसी जल्द लागू की जाए, बसों में नई बसें शामिल की जाएं। रोडवेज जीएम आरके गोयल ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाएगा। किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।