अमर शहीदों की शहादत को याद दिला गया नाटक ‘जागृति’
तू ना रोना, भगत सिंह की मां, मरके भी लाल तेरा मरेगा नहीं
कुरुक्षेत्र। केयू के डीन ऑफ फैकल्टीज डॉ. राजेश्वर प्रसाद मिश्र का कहना है कि शहीदों की शहादत सभी के लिए प्रेरणादायी है। हंसते-हंसते जो वीर देश को आजादी दिलाने के लिए शहीद हो गए, उनकी शहादत सदैव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा देने का कार्य करती है। वे शुक्रवार देर शाम हरियाणा कला परिषद मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर (मैक) की भरतमुनि रंगशाला में आयोजित नाटक जागृति के मंचन के दौरान बतौर मुख्य अतिथि दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। मैक में प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शृंखला में गत 16 जून को आदि मंच अंबाला के कलाकारों की ओर से राहुल शर्मा के निर्देशन में नाटक जागृति का मंचन किया गया। इस मौके पर केयू के युवा एवं संस्कृति विभाग निदेशक डॉ. सीडीएस कौशल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्या भारती के प्रदेश संगठन मंत्री बालकिशन व रमेश कुमार उपस्थित रहे। नाटक गगन दमामा बाज्यों पर आधारित जागृति नाटक में भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के जीवन संघर्ष को दिखाया गया। नाटक में दिखाया कि किस प्रकार अंग्रेजों के अत्याचारों से तंग आकर भगत सिंह व उनके साथियों ने विद्रोह करना शुरू कर दिया था। नाटक के अंत में मुख्य अतिथि राजेश्वर प्रसाद मिश्र ने नाटक निदेशक राहुल शर्मा को अंगवस्त्र व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।