कुरुक्षेत्र। शहर की सड़कों पर यातायात को सुचारू बनाने के नाम पर नगर निगम की ओर से करीब 70 लाख रुपये की राशि खर्च कर ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं जो महज पांच माह में ही एक शोपीस बन गई हैं। पिपली चौक और नए बस अड्डे पर स्थापित ये आधुनिक सिग्नल सिस्टम पिछले डेढ़ माह से बंद पड़े हैं, जबकि इन दोनों स्थानों को सड़क सुरक्षा समिति की ओर से ब्लैक स्पॉट घोषित किया जा चुका है।
लाखों रुपये की लागत से कैमरे और सिग्नल लाइटें लगाई गई थीं ताकि वाहन चालकों पर नजर रखी जा सके और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो। वहीं अब ये सारे सिस्टम प्रशासन की लापरवाही की वजह से धूल चाट रहे हैं। पिपली चौक व नए बस अड्डे पर ट्रैफिक लाइटें डेढ़ माह से अधिक समय से पूरी तरह बंद हैं। इन चौराहों पर भारी वाहनों, बसों, कारों और दोपहिया वाहनों की रफ्तार बिना किसी नियंत्रण के दौड़ रहे हैं जिससे दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
शहर के अन्य प्रमुख चौक-चौराहे भी ब्लिंकर व ट्रैफिक लाइटों का इंतजार कर रहे हैं। शहर में वर्षों पहले लगे ब्लिंकर भी खराब पड़े हैं। इसके कारण यहां रात के समय हादसे का खतरा बना रहता है। पिपली से लेकर थर्ड गेट तक डंपर, ट्रक और अन्य भारी वाहनों का लगातार आवागमन होता है लेकिन सिग्नल की अनुपस्थिति में यातायात पूरी तरह बेकाबू है। इस रोड पर लगे ब्लिंकर भी पूर्ण रूप से बंद पड़े हैं।
दिन में बदहाल रहती यातायात व्यवस्था
ट्रैफिक लाइटों के बंद पड़े होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई है। एक तरफ शहर में पुराने बस अड्डे, अंबेडकर चौक, बिरला मंदिर चौक व थर्ड गेट फाटक पर रेलगाड़ी आने के समय कुछ देर फाटक बंद होने के बाद घंटों तक जाम लग जाता है। इससे पूरे दिन शहर में जाम की स्थिति रहती है। शहर में फाटकों व मुख्य चौकों पर पुलिस व होमगार्ड के जवानों को मैन्युअल ट्रैफिक नियंत्रण करने में लगे रहते हैं।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए लगाई थी ट्रैफिक लाइट
करीब पांच माह पहले ही यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 70 लाख रुपये खर्च कर मुंबई की तर्ज पर ट्रैफिक लाइटें व ब्लिंकर लगाए थे, जो अब धूल फांक रहे हैं। इससे सिग्नल सिस्टम की गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दोबारा चालू कराई जाएंगी ट्रैफिक लाइटें : राेहतास
यातायात उप पुलिस अधीक्षक रोहतास ने कहा कि ट्रैफिक लाइटें पूरी तरह ठीक हैं। डाक कांवड़ यात्रा के दौरान इन लाइटों को बंद किया गया था ताकि यात्रा में किसी तरह की बाधा न आए। अब इन लाइटों को दोबारा जल्द ही चालू कर दिया जाएगा।