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नीमवाला में डायरिया फैलने का मामला

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। यहां पीने लायक तो दूर कपड़े धोने के लायक भी पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। दूषित पानी के कारण ही बीमारी फैली है, जिसके चलते करीब 87 लोग इसकी चपेट में आ चुके है। अनेकों लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती है। यह दर्द ग्रामीण महिलाओं ने सर्वजातीय सर्वखाप महिला महापंचायत की अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया के समक्ष बयां किया। उन्होंने बताया कि डायरिया का अभी भी लोगों में भय कम नहीं हुआ है। नीमवाला डेरा के ग्रामीण मदन लाल ने बताया उसके परिवार के 17 में से 8 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। मौत का शिकार हुए राजकुमार बाजीगर की मां करतारो देवी ने भी अपनी व्यथा उन्हें सुनाई। जोगेंद्र, शेरो देवी, तारो देवी, गीता, सावल सिंह, सुनीता, जगदीश, सरोज व विजय आदि भी अस्पताल पहुंच चुके हैं। ग्रामीण अरमान सिंह, मीनू देवी, संतोष रानी, गुरमीत सिंह, अंजू देवी, वीर सिंह, मंजीत च जगन लाल आदि ने बताया कि कई दिनों से गंदा पानी आ रहा है। यह पीना तो दूर कपड़े धोने लायक भी नहीं हैं। लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। बदबूदार वाटर सप्लाई की शिकायत के बाद भी जलापूर्ति विभाग हल नहीं खोज पाया। दहिया ने कहा कि शरीर के लिए पानी बहुत जरूरी है। दूषित पानी पीना किसी खतरे को आमंत्रण देने के बराबर है। इससे कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। कई बार तो हालत गंभीर होने पर जान को खतरा हो जाता है। दूषित पानी में छोटे-छोटे जीवाणुओं होते हैं, जिनसे बीमारी शरीर में प्रवेश करती है। गंदा पानी पीने से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता है। जिस कारण पीलिया, पेचिश, नेत्र रोग, गले की बीमारी व टाइफाइड आदि बीमारियों से लोग त्रस्त हैं। दूषित पानी से नहाने से भी त्वचा रोग, खुजली, दाद आदि कई बीमारियां हो जाती हैं। उन्होंने पीड़ित ग्रामीणों से पानी को उबालकर शुद्ध करने, पानी में फिटकरी का टुकड़ा डालकर हिलाने तथा तुलसी के पत्तों को डालकर रखने की सलाह दी। संतोष दहिया ने प्रशासनिक अधिकारियों से ग्रामीणों के लिए स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
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