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गहरा होने लगा डेंगू मच्छर का डंक, अभी तक पांच मरीजों को डेंगू की पुष्टि, 249 मरीज संदिग्ध
- स्वास्थ्य विभाग के दावों की खुली पोल, पिछले वर्ष भी सामने आए थे 328 संदिग्ध मरीज
नरेंद्र शर्मा
कुरुक्षेत्र। डेंगू का डंक गहरा होने लगा है। शुक्रवार को जिले में पांच मरीजों को डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर चुका है। पिछले साल जिले से 328 संदिग्ध डेंगू तो 40 मलेरिया से पीड़ित मरीज अस्पतालों में पहुंचे थे। मौसम परिवर्तन के साथ स्वास्थ्य विभाग डेंगू पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। संदिग्ध डेंगू के चलते पीड़ित बड़ी संख्या में सिविल अस्पताल सहित अन्य निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सिविल अस्पताल के डेंगू वार्ड मेें दो मरीज दाखिल रहे। इनमें से एक मरीज को डेंगू पॉजिटिव बताया जा रहा है, जबकि एक अन्य मरीज को संदिग्ध डेंगू पीड़ित माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार शाम तक पांच मरीजों के रक्त की जांच कर डेंगू की पुष्टि कर दी है। मलेरिया विभाग के अधिकारियों का दावा है कि कि रैपिड रिस्पॉन्स टीम का डोर-टू-डोर दस्तक दे एंटी लारवा अभियान जोरों पर चला हुआ है। लेकिन लोगों की मानें तो स्वास्थ्य विभाग का एंटी लारवा अभियान व नगर परिषद का फॉगिंग अभियान जमीनी स्तर पर दम तोड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने करीब 300 मरीजों के लिए सैंपल
विभागीय जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग की ओर से अब तक करीब 300 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं। पांच मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है। कई मरीजों के लिए गए सैंपल के परिणाम भी अभी तक नहीं आए हैं।
इस मच्छर के काटने से होता है डेंगू
विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू बुखार मादा एडीज एजिप्टाई नामक मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर आम तौर पर दिन के समय में ही काटता है और घरों के अंदर ठंडी व अंधेरे वाली जगहों पर पाया जाता है। काटने के बाद यह मच्छर घंटों तक ठंडी जगह परदों के पीछे दीवार पर व अल्मारी आदी के पीछे आराम करता है।
नहीं हुआ एंटी लारवा दवाई का छिड़काव: प्रीतम
प्रतापगढ़ वासी प्रीतम ने बताया कि उसके परिवार के एक सदस्य को संदिग्ध डेंगू के चलते गत शनिवार को एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल कराया था। यहां चिकित्सकों ने उसके खून की जांच कर डेंगू की पुष्टि कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतापगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की टीम एक बार भी एंटी लारवा दवाई का छिड़काव करने नहीं पहुंची।
कॉलोनियों में नहीं हुई फॉगिंग : कश्मीर
दीदार नगर वासी कश्मीर सिंह ने बताया कि दीदार नगर में आज तक फॉगिंग नहीं हुई। कॉलोनी में मच्छरों की भरमार है। उसकी पत्नी पिछले कई दिनों से बुखार की चपेट में आ गई। उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहां खून की जांच कराई तो रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव बताया गया। गत बुधवार को एलएनजेपी अस्पताल में दाखिल कराया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच कर ब्लड का सैंपल ले जांच के लिए भेज दिया है।
कंट्रोल में है डेंगू की स्थिति : डॉ. सहोता
अभी तक पांच मरीजों को डेंगू कंफर्म हुआ है। जिलेभर में 249 मरीजों को संदिग्ध डेंगू की नजर से देखा जा रहा है। मलेरिया विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम डोर-टू-डोर दस्तक दे एंटी लारवा अभियान चला रही है। घरों में लारवा की गहनता से जांच कर दवाई का छिड़काव कर उसको नष्ट कर रही है। ऐसे में आमजन को भी जागरूक होनी की आवश्यकता है। उन्हें घबराने की बजाय अपने स्तर पर भी उचित प्रबंध व विभाग का सहयोग करना चाहिए।
- डॉ. सुदेश सहोता, नोडल अधिकारी, मलेरिया
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एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन ने ली डेंगू वार्ड की सुध
डेंगू वार्ड में अव्यवस्थाओं की सुध लेते हुए एलएनजेपी अस्पताल प्रशासन ने आखिरकार वार्ड में मच्छरदानी का प्रबंध कर दिया है। इसके अलावा वार्ड में साफ-सफाई को लेकर भी कर्मचारियों को विशेष निर्देश दे दिए गए हैं। तीन बेड वाले वार्ड में सभी पर मच्छरदानी की व्यवस्था होने से मरीज एवं तीमारदार काफी राहत महसूस कर रहे हैं। अमर उजाला ने दो अक्तूबर को वार्ड की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए।