राशन का गेहूं न मिलने पर महिलाओं का तहसील परिसर में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
बाबैन।
गांव रामसरन माजरा में 150 से अधिक गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन का गेहूं नहीं मिला है। इससे गुस्साईं गांव की सैकड़ों महिलाओं ने तहसील परिसर बाबैन में हंगामा किया। महिलाओं ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान नायब तहसीलदार और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
गांव रामसरन माजरा की मनजीत कौर, सुरजीत कौर, सरोज, धर्मों, नीलम, शकुंतला, रजनी, सीमा, केला, जीतों, नीलम, हर्ष कुमार, राजेश, राकेश आदि महिलाओं ने आरोप लगाए कि गांव रामसरन माजरा में गरीबों और मजदूरों को गेहूं नहीं मिल रहा, जबकि जमीनों वाले लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्हें पिछले पांच साल से खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन के गेहूं सहित अन्य कोई भी लाभ नहीं मिल रहा। महिलाओं का कहना है कि यदि सरकार उनके गांव का दोबारा से सर्वे करवाए तो प्रशासन को पता चल जाएगा कि गरीब और मजदूर लोगों के हिस्सें का गेहूं कौन खा रहा है। महिलाओं ने कहा कि यदि उन्हें अब भी खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं नहीं दिया गया तो वे उपायुक्त कार्यालय कुरुक्षेत्र के बाहर धरने पर बैठ जाएंगी। उन्होंने उपायुक्त कुरुक्षेत्र से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रशासन उनके गांव का फिर से सर्वे करवा कर गरीब व मजदूर लोगों को ही खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं बंटवाए।
कोई भेदभाव या पक्षपात नहीं कर रहा: वर्मा
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक रवि वर्मा का कहना है कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन का गेहूं केवल उन परिवारों को ही दिया जाता है, जिनके बीपीएल या एएवाई स्कीम के तहत राशन कार्ड बने हुए है। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग किसी भी परिवार के साथ कोई भेदभाव या पक्षपात नहीं कर रहा। उन्हीं परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन का गेहूं दे रहा है। उनके पांच वर्ष पूर्व सर्वे के अनुसार बीपीएल और एएवाई के राशन कार्ड बने थे। उन्होंने कहा कि अगले माह से गांवों में बीपीएल और एएवाई परिवारों का दोबारा से सर्वे होगा।