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शनिवार को हुई 24 एमएम बारिश ने दिलाई उमस और गर्मी से राहत

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सेक्टर-7 में करंट लगने से तीन सांड़ों की मौत
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फोटो-1, 2,16,1,22
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी से बेहाल लोगों को शनिवार सुबह हुई 24 एमएम बारिश से जहां राहत मिली वहीं कई इलाकों में जलभराव हो गया और सेक्टर-7 एरिया में तारों में स्पार्किंग होने से खंभे में करंट आने से तीन लावारिस सांडों की मौत हो गई। वहीं लोगों को आवाजाही करने में सबसे ज्यादा दुविधा का का सामना शहर की उन सड़कों पर करना पड़ा,जो निर्माण कार्य के चलते लंबे से उखाड़ी गई है, लेकिन निर्माण में लेटलतीफी के चलते यहां गड्डे और सड़क उबड़ खाबड़ हो चुकी है। रेलवे रोड पर काफी धीमी गति से चल रहे सिक्स लेन प्रोजेक्ट के कारण यहां मेन रोड पर दलदल की वजह से कई लोगों चोटिल हुए,जबकि महादेव मुहल्ला, विष्णु कालोनी, शांतिनगर सहित कई जगहों पर यही हालात रहे। इधर खेती के लिहाज से यह बारिश अच्छी बताई जा रही है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि शनिवार को हुई बारिश का हालांकि सभी फसलों में फायदा है, लेकिन धान की फसल में यह फायदा अधिक होगा। बारिश से जहां धान की फसल में पानी की पूर्ति पूरी होगी वहीं पिछले कई दिनों से पता लपेट व अन्य आई बीमारियां भी साफ हो जाएंगी। बारिश ने उमस से भी राहत दी है जबकि अगले दो दिन और बारिश होने की संभावना है।
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पार्षद अमित गर्ग शैंकी ने बताया कि शनिवार सुबह बारिश के दौरान तारों में स्पार्किंग हुई थी। इस दौरान खंभे के पास बैठे तीन सांड इनकी चपेट में आ गए। पार्षद के मुताबिक वह नगर परिषद और जिला प्रशासन को सेक्टर-7 में बेसहारा पशुओं की बढ़ती संख्या के बारे में कई बार अवगत करा चुके हैं। प्रशासन एक ओर दावे कर रहा है कि शहर की सड़कों को कैटल फ्री बनाया जा रहा है,जबकि हालात ये है कि पिछले दिनों सेक्टर-74 की रहने वाली एक महिला किरण खुराना को सांड ने टक्कर मार कर बुरी तरह से जख्मी कर दिया था।

गन्ने की फसल गिरने से हुआ नुकसान
बाबैन क्षेत्र में अच्छी बारिश से जहां कई किसानों के चेहरे खिले,वहीं कुछ किसान मायूस हुए हैं। बाबैन क्षेत्र में शनिवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से किसानों की गन्ने व धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। जिससे किसानों की मेहनत पानी में बहती नजर आ रही है। वहीं बारिश व तेज हवाओं से किसानों की गन्ने व धान की फसल जमीन पर चादर की तरह बिछ गई है। उधर बारिश से किसानों की सब्जी की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से सब्जी की फसल प्रभावित होने से किसानों को नुकसान हुआ है। गांव घिसरपड़ी के प्रगतिशील किसान प्रिंस घिसरपड़ी, लाभ सिंह अटांल, सोमनाथ, प्रदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को बारिश होने से उनकी गन्ने की फसल जमीन पर गिरने से फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने बताया कि गन्ने की फसल तेज हवाओं से जमीन पर गिर गई है। जमीन पर गिरने से गन्ने की फसल को चूहे नुकसान पहुंचा सकते हैं। तेज हवा व बारिश से कई किसानों के पापुलर के पेड़ भी गिर गए हैं। वहीं बारिश व तेज हवा से कई फीडरों पर बिजली सप्लाई भी बाधित हुई है। ऐसे में बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ी है।

पानी की निकासी न होने के कारण दुर्गा कॉलोनीवासी परेशान
बाबैन। बाबैन क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण दुर्गा कॉलोनी में पानी भरने से लोग परेशान हो गए हैं। रूपराम, रोशन लाल, सुरत सिंह, गुरनाम सिंह, हरिओम का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होने के कारण कॉलोनी में पानी भर जाता है जिससे बच्चों को स्कूल में आने जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ती और पानी इकट्ठा होने के कारण बीमारियां फैलने का डर सता रहा है।
लाडवा में सावन के लगभग सूखा जाने के बाद शनिवार को भादों की पहली बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को रात से ही घने बादल छाए हुए थे लेकिन बारिश सुबह सात बजे शुरू हुई जो शाम तक रुक-रुक कर चलती रही। इससे खेतों में भी धान व हरे चारे की फसल को लाभ हुआ। उधर, महावीर कॉलोनी, विकास नगर, नई कॉलोनी, हनुमान गेट, महाराजा अग्रसेन चौक, अनाजमंडी के दो गेटों व मुख्य सड़कों पर पानी जमा हो गया। कॉलोनी निवासी रामकुमार, बलजीत सिंह, मेहरबान, बलबीर सिंह, संजीव कुमार, पवन कुमार, अशोक कुमार, सूरता राम, धनपत, जोगिंद्र कुमार, लखविंद्र सिंह, साहब सिंह, जयकुमार व विकास कुमार आदी किसानों का कहना है कि धान की फसल को इस समय पानी की बहुत जरूरत है। ट्यूबवेल से धान की फसल में पानी की जरूरत पूरी नहीं हो सकती ऐसे में बारिश की एक एक बूंद धान की फसल में सोना बनकर लगेगी।
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इस्माईलाबाद में बारिश से मौसम हुआ सुहावना
कसबे व क्षेत्र में सुबह से ही रुक रुक कर हो रही बारिश से जहां तापमान में खासी गिरावट आने से मौसम सुहावना हुआ वहीं धान की फसल को फायदा पहुंचेगा। उधर, गांव ठोल में जोहड़ का पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में घुसने से ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण करण, धीरज, राहुल धीमान, सुनीता रानी, जसविंद्र कौर, सतपाल शर्मा, नरेश शर्मा, उर्मिला देवी, किरना देवी, ललित ओमकार, गोपाल, सरोज आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से तालाब का का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गांव की गई गलियों में घुसा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्या का जल्द से समाधान किया जाए।
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