देश में 100 जगहों पर मुसलमान फूंकेंगे पाकिस्तान का झंडा
-मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले तैयार की गई है आंदोलन की रणनीति
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र।
क्विट इंडिया मूवमेंट की तर्ज पर हरियाणा समेत देश में 100 जगहों पर आजादी पर्व से एक दिन पहले मुसलमान समुदाय के लोग क्विट पीओके का नारा बुलंद करेंगे। इस नारे के साथ देशभर में जहां 100 स्थानों यह प्रदर्शन होगा, वहीं हरियाणा भी प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज फूंका जाएगा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश के मुताबिक इस आंदोलन रणनीति मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बैनर तले तैयार की गई है। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के प्रमुख अफजाल, डॉ.शाहिद अख्तर और डॉ.ताहिर ने उन्हें फोन पर इस आंदोलन की जानकारी दी थी। इंद्रेश के मुताबिक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत 9 अगस्त को कश्मीर घाटी से कर चुका है। इसका समापन 14 अगस्त को पाकिस्तान के आजादी दिवस पर होगा। उन्होंने बताया कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के इस विरोध प्रदर्शन के साथ मुख्य मांग कश्मीर में पत्थरबाजी पर विराम और पीओके को पाकिस्तान कराने मांग की जाएगी। कुरुक्षेत्र में एक शिक्षण संस्थान में शिरकत करने पहुंचे संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश और अखिल भारतीय इमाम संघ के मुख्य इमाम डॉ.उमर अहमद इलियासी ने राष्ट्रवाद पर विचार रखे।
पूर्व उपराष्ट्रपति अंसारी के बयान की निंदा
पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. अंसारी के बयान की इंद्रेश ने आलोचना की। इंद्रेश ने कहा कि अंसारी 10 वर्ष उप राष्ट्रपति पद पर रहे, लेकिन अब न भारतीय रहे और न ही धर्मनिरपेक्ष, वे सांप्रदायिक हो गए। उन्होंने कहा कि जिस देश ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को पहचान लिया वे हामिद को भी पहचानते हैं। इंद्रेश ने पूर्व राष्ट्रपति स्व. कलाम को शिद्दत से याद करते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर तीखे प्रहार भी किये।
काश हामिद गौवंश को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाते-इलियास
टेरी में आयोजित कार्यक्रम के बाद अखिल भारतीय इमाम संघ के मुख्य इमाम डा. उमर अहमद इलियासी ने कहा कि हम हिंदुओं के वंशज हैं, हिंदुस्तान हमारा है। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस तरह के बयान देकर पद की भी गरिमा नहीं रखी। वे इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि वे जाते जाते गोवंश को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने की मांग करते।
विभाजन के 70 साल बाद भी रहस्य, बापू गांधी क्यों झुके
इंद्रेश ने कहा कि उस दौर में जिनकी आवाज ब्रिटिश हुकूमत में भी सुनती थी, अगर वे महात्मा गांधी ना झुकते तो आज पाकिस्तान नहीं होता। कांग्रेस और मुस्लिम लीग के साथ मिलकर अंग्रेजों ने भारत को विभाजन राह पर खड़ा कर दिया, मगर उस वक्त महात्मा गांधी मौन रह गये,वे इस निर्णय के आगे झुक गए। बापू अगर उस समय अनशन पर बैठ जाते तो विभाजन नहीं होता, उस समय बापू क्यों चुप रहे ? देश की आजादी के 70 साल बाद भी यह रहस्य है।