कुरुक्षेत्र। गर्भवती महिलाओं में एचआईवी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। यह संक्रमण फिलहाल आगे बच्चों में देखने को नहीं मिल रहा। जागरूकता के कारण 59 गर्भवती महिलाओं ने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। हर माह जिले में 20 से 25 लोगों में एचआईवी एड्स की पुष्टि हो रही है। फिलहाल एआरटी सेंटर में 1100 मरीजों का रिकार्ड दर्ज है। इस वर्ष अभी तक जिले में 118 मरीज एचआईवी पीड़ित मिल चुके हैं। वहीं करीब साढ़े 19 हजार संदिग्ध लोग अपनी जांच कराने अस्पताल पहुंचे।
एचआईवी एड्स काउंसलर ध्यान सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल के अलावा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित एआरटी सेंटर में एचआईवी रोगियों की जांच हो रही है। मरीजों को जांच व दवा फ्री में दी जा रही है। रोगी को हर माह तीन से चार हजार की दवा दी जा रही है। वहीं हर माह मरीज का वायरल लोड किया जाता है, जिससे पता चलता है कि मरीज में एचआईवी एड्स का कितना इंफेक्शन है। उन्होंने बताया कि एड्स रोगियों को डाइट के लिए सरकार की ओर से वर्ष 2022 से हर माह 2250 रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। जिला नागरिक अस्पताल के एआरटी सेंटर एंटी रेट्राेवायरल थेरेपी सेंटर में 1100 मरीजों का रजिस्ट्रेशन है। सभी को हर माह आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। एड्स काउंसलर बलविंद्र का कहना है कि एचआईवी एड्स मुख्य रूप से संक्रमित रक्त चढ़ाने, संक्रमित सुई व सिरिंज का दूसरे व्यक्ति पर प्रयोग करने, असुरक्षित यौन संबंध बनाने से एचआईवी एड्स फैलता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर माह शहरी व ग्रामीण एरिया में एचआईवी एड्स को लेकर आठ जागरूकता व जांच कैंप चलाए जा रहे हैं। जिन एरिया में एचआईवी एड्स फैलने की संभावना होती है वहां पर स्वास्थ्य विभाग की नजर रहती है। संवाद
वर्ष के अनुसार मरीजों की जांच और एडस की हुई पुष्टि
साल जांच मरीज
2020 से 2021 21398 110
2022 से 2023 26480 103
2023 से 2024 23642 159
2024 से 2025 19677 118
एचआईवी टी- कोशिकाओं को कर देता है खत्म : डॉ. सभ्रवाल
एचआईवी शुरुआत में आपको फ्लू जैसे लक्षणों से बीमार कर देता है। फिर यह आपके शरीर में लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के छिपा रह सकता है। इस दौरान, यह धीरे-धीरे आपकी टी-कोशिकाओं को नष्ट कर देता है, जिससे शरीर कमजोर हो जाता है।
डॉ. रमेश सभ्रवाल, नोडल अधिकारी, एचआईवी एड्स
एचआईवी एड्स के मरीजों को सरकार द्वारा हर संभव सहायता दी जा रही है। मरीज को हर माह 2250 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निशुल्क जांच व दवा की सुविधा दी जा रही है।
डॉ. सुखबीर सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी एड्स
कुरुक्षेत्र। एचआईवी पीड़ित रोगी से बातचीत करते एचआईवी एड्स काउंसलर बलविंद्र सिंह। संवाद