देश के 574 जिलों की सांस्कृतिक विरासत को लेकर एक भव्य संग्रहालय बनाया जाएगा। इस संग्रहालय के लिए राज्य सरकार की तरफ से जल्द ही जगह निर्धारित की जाएगी। इन जिलों से अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में पहुंचने वाले प्रतिनिधि अपने-अपने प्रदेश एवं जिले की संस्कृति से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं के साथ पहुंचेंगे। विधायक सुभाष सुधा ने शनिवार को रेडक्रॉस भवन में कहा कि यह पहला अवसर है कि जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल स्वयं अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की तैयारियों के हर क्षण की समीक्षा कर रहे हैं। तैयारियों की समीक्षा को लेकर शनिवार को सुबह चंडीगढ़ सीएम आवास पर भी तमाम आला अधिकारियों कें साथ बैठक का आयोजन किया गया था।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में पूरी दुनिया में पवित्र ग्रंथ गीता पर काम करने वाले और श्लोकों का उच्चारण करने वाले सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। इनमें देशभर से पांच आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्होंने पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोकों पर गहन अध्ययन किया है। इन लोगों को निमंत्रण देने की जिम्मेदारी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और संबंधित अधिकारियों की लगाई है। कहा कि 6 दिसंबर को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी महोत्सव का विधिवत रूप से शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम केयू के खेल परिसर में होगा।
विधायक ने कहा कि 9 दिसंबर को संत सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा। इस 3 घंटे के कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानंद महाराज, स्वामी स्वदेशानंद, बाबा रामदेव, श्रीश्री रविशंकर, स्वामी अवदेशानंद, श्री श्रीनिवास, स्वामी धर्मदेव, स्वामी दिव्यनंद, स्वामी सर्वमित्रानंद, स्वामी धर्मानंद, स्वामी गुरूशरण, स्वामी गोबिंद गिरि सहित अनेकों महान संत पवित्र ग्रंथ गीता पर चर्चा करेंगे। महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय स्तर का पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें विभिन्न भाषाओं में लिखित गीता को भी रखा जाएगा।