फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दिन चक्का जाम करने का ऐलान, तीन दिन रहा असर, विभाग को साढ़े

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो 22,23,24
विज्ञापन

एक दिन चक्का जाम करने का ऐलान, तीन दिन रहा असर, विभाग को साढ़े 8 लाख का नुकसान
- रोडवेज बसें बंद करने को लेकर विभाग ने किया नुकसान का आंकलन
- नुकसान की आंकलन रिपोर्ट के साथ हड़ताल की अगुवाई करने वाले 41 कर्मचारियों की मुख्यालय को भेजी सूची
- संबंधित कर्मचारियों से की जा सकती है नुकसान की भरपाई
- 5 सितंबर को तय चक्का जाम से एक दिन पहले ही दोपहर बाद शुरू कर दी थी हड़ताल
सेवा सिंह
कुरुक्षेत्र। पांच सितंबर को चक्का जाम के कारण हुए नुकसान की भरपाई विभाग हड़ताल की अगुवाई करने वाले 41 कर्मचारियों की तैयारी में है। विभाग ने नुकसान के आकलन और कर्मचारियों के नाम सहित रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है।
रोडवेज के अनुसार, प्रदेश सरकार द्वारा लाई जा रही 720 निजी बसों के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों के पांच सितंबर के चक्का जाम एलान का असर कुरुक्षेत्र में तीन दिन तक रहा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट व प्रदेश सरकार की सख्ती के चलते हालांकि पांच सितंबर को रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम करने में विफल रहे, लेकिन कर्मचारियों के इस प्रयास से चार सितंबर से लेकर छह सितंबर तक रोडवेज बसें प्रभावित रहीं, जिससे डिपो को साढ़े 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ। शुक्रवार को ही परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह के निर्देशों के बाद यह आंकलन विभाग के अधिकारियों ने लगाया है। यहीं नहीं डिपो में कार्यरत 41 कर्मचारियों को भी चिह्नित किया गया है, जो चक्का जाम को सफल बनाने के प्रयासों में थे। इन कर्मचारियों के नाम सहित व आंकलन किए गए नुकसान की पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है, जिसके साथ ही यह संभावना भी जताई जा रही है कि नुकसान की भरपाई इन कर्मचारियों की जेब से ही की जाएगी। इन आदेशों के लिए उच्चाधिकारियों की ओर से मिलने वाले आदेशों की प्रतीक्षा की जा रही है जबकि विभाग के इस कदम से कर्मचारियों की भौंहें भी तन रही हैं।
विज्ञापन


5 सितंबर को हुआ था साढ़े 4 लाख का नुकसान
रोडवेज कर्मियों ने 5 सितंबर को ही चक्का जाम का ऐलान किया था। विभाग द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार इस दिन विभाग को स्थानीय स्तर पर साढ़े 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ जबकि 4 व 6 सितंबर को भी करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

हड़ताली कर्मियों से नुकसान की भरपाई के जारी हो चुके हैं निर्देश
हड़ताल के दौरान विभाग को हुए नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित कर्मचारियों से ही भरपाई करने के परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह ने निर्देश दिए थे। इसके बाद से कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। स्थानीय कर्मचारी हालांकि इस नुकसान की भरपाई उनसे किए जाने से इनकार कर रहे हैं जबकि विभाग के अधिकारी उच्चाधिकारियों के आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

नुकसान व हड़ताली कर्मियों की रिपोर्ट विभाग को भेजी, आदेश मिलते ही करेंगे कार्रवाई : लेखराज
तीनों दिन के दौरान हुए नुकसान का आंकलन कर लिया है। साढ़े आठ लाख का नुकसान हुआ है। इस नुकसान के साथ ही हड़ताली कर्मचारियों की पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। अभी कर्मचारियों से नुकसान की भरपाई के आदेश नहीं मिले, लेकिन आदेश आते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन

- लेखराज, डिपो महाप्रबंधक

रोष मार्च निकाला, फिर दिया बड़े बंद का अल्टीमेटम
चक्का जाम के चलते प्रदेश भर में कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मामले व अन्य कार्रवाई को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को फिर रोडवेज कर्मचारियों ने अपना कड़ा रोष जाहिर किया। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने काले झंडे लेकर नए बस अड्डे पर रोष मार्च भी निकाला। दो घंटे तक प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि कर्मचारियों पर दर्ज मामले व अन्य कार्रवाई वापस नहीं ली तो फिर से बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। यूनियन प्रधान नवीन शर्मा व सुनील कुमार की अगुवाई में कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान राजकुमार शर्मा, माया राम अनियाल, रणजीत करोड़ा, जरनैल सिंह, राजकुमार, बलदेव सिंह, राजेश कुमार, सुरेंद्र कुमार, जोगिंद्र, सुखदेव सिंह, नरेश कुमार व सुरेंद्र कुमार सहित अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे। रोडवेज कर्मचारियों के इस प्रदर्शन का समर्थन जन संर्घष मोर्चा की राज्य महासचिव कुमारी सुदेश, चंद्र रेखा, मेवा राम, सतबीर सिंह, जितेंद्र, रामचंद्र, आरती, पूजा, जोगिंद्र पाल, सुरेंद्र सिंह, कामरेड लहणा सिंह, संसार चंद व बलकार सिंह ने भी किया। वहीं रोडवेज वर्कर्स यूनियन नेता माया राम उनियाल का कहना है कि नुकसान की भरपाई को सहन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें