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मैं मुख्यमंत्री नहीं,सामाजिक व्यक्ति मनोहरलाल के नाते बात कर रहा हूं

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- मैं मुख्यमंत्री नहीं,सामाजिक व्यक्ति मनोहरलाल के नाते बात कर रहा हूं
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- आधी रात सीएम ने खत्म कराई जाट धर्मशाला सभा में चल रही चौधर की जंग
- जाट धर्मशाला में जाट एकता के साथ गूंजे मनोहर लाल जिंदाबाद के नारे
नया प्रशासक, नई कमेटी नहीं तो होगा नियमानुसार चुनाव : मनोहर
सामाजिक भाईचारे का संदेश लेकर पहुंचे थे मनोहर लाल
राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र। मैं मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि सामाजिक व्यक्ति मनोहर लाल के नाते बात कर रहा हूं। मैं यह चाहता कि आपस में भाईचारा बना रहे। चौधर के लिए मन में खटास ना हो। चौधरी छोटूराम ने जो पौधा लगाया था, उसमें भाईचारे के साथ आपस में मिलकर और बड़ा करें। सीएम मनोहर लाल की यह वाणी जाट सामुदाय के नेताओं को ऐसे भा गई कि उन्होंने पिछले दो माह से चल रहे विवाद की इतिश्री कर दी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री कुरुक्षेत्र में भाजपा विधायक डॉ. पवन सैनी की धर्मपत्नी के निधन पर शोक प्रकट करने पहुंचे थे। इस दौरान जाट धर्मशाला की चौधर का विवाद भी उनके सामने आया। उन्होंने इस मामले को खत्म करने के लिए दोनों गुटों को सर्किट हाउस में बुलवाया। इस विवादित मसले को दोनों गुटों से करीब पांच घंटे चली लंबी बातचीत के बाद निपटा फाइनल मोड पर ला दिया गया। उन्होंने जाट समाज के लोगों से अपील की कि एशिया की सबसे बड़ी एवं प्रतिष्ठित धर्मशाला के सम्मान की खातिर वह इस विवाद को खत्म करके नये सिरे से कार्रवाई को आगे बढ़ाएं। हालांकि यह विवाद अभी पूरी तरह खत्म हो पाएगा या नहीं, लेकिन जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर को लेकर पिछले करीब दो माह से चल रहे विवाद और पिछले कई दिनों से चल रहा अनशन दोनों गुटों की आपसी रजामंदी के बाद मंगलवार देर रात को समाप्ति की ओर दिखा। संभवत: मुख्यमंत्री यह ठान कर इस मामले में कूद चुके थे कि आज ही वह इस विवाद को निपटा कर करनाल जाएंगे।
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समैण और धुमन की मध्यस्थता से हुई बातचीत
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण और भाजपा कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक धुमन सिंह किरमिच की मध्यस्था के बाद दोनों गुटों को सर्किट हाउस में बुलाया गया। यहां कर्मवीर घराड़सी गुट से
सुरेंद्र अंबरसर, ओमप्रकाश पाई, कृष्ण श्योकंद, शमशेर ढुल, राजेंद्र हथीरा और अंग्रेज गुट से स्वयं अंग्रेज सिंह, पूर्व प्रधान रणजीत सिंह, जयप्रकाश सारसा, ओमप्रकाश बडाम, शमशेर रतनडेरा मौजूद रहे।
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आधी रात को जूस पिलाने पहुंचे सीएम...
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता सूबे सिंह समैण ,भाजपा कानूनी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक धुम्मन सिंह किरमिच, डीसी डॉ. एसएस फुलिया और एसडीएम एवं धर्मशाला के प्रशासक अनिल यादव की मौजूदगी में पहले एक एक कर मुख्यमंत्री ने दोनों गुटों से बात की और उसके बाद एक साथ दोनों गुटों से चर्चा की। हालांकि यह किसी ने नहीं सोचा होगा कि आधी रात को सीएम जाट धर्मशाला पहुंचेंगे। सीएम ने जाट धर्मशाला पहुंच कर अनशन पर बैठे घराड़सी गुट के समर्थकों को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया।

सीएम से बातचीत और इन तीन बातों पर बनी है सहमति
1- सीएम ने दोनों गुटों को आश्वासन दिया जाट धर्मशाला में नया प्रशासक लगाया जाएगा
2- नए प्रशासन द्वारा दो दिन में नई कमेटी बनवाने का प्रयास किया जाएगा
3- आपसी सहमति से नई कमेटी नहीं बनने पर नियमानुसार चुनाव कराया जाएगा
4- चुनाव से पहले नए मेंबरों की नई लिस्ट भी बन सकती है
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