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फ्लैग - जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज ने 17 में से निपटाईं 12 शिकायतें
हेडिंग : पीड़ित बोले, हुडा अधिकारी नहीं कर रहे अपनी जमीन को लेकर सही पैरवी तो राज्यमंत्री बोले करवा देते हैं तबादला
- मंत्री बोले, हुडा अधिकारी के खिलाफ पहले भी आ चुकी हैं कई शिकायतें, हुडा की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर दी गई थी शिकायत
- राज्यमंत्री कर्ण देव कांबोज ने की बैठक की अध्यक्षता, 17 में से निपटाईं 12 शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। साहब, हुडा अधिकारी सेक्टर-3 में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक कि वे अतिक्रमण करने वाले लोगों से मिलीभगत के चलते वे अपनी जमीन की सही पैरवी नहीं कर रहे हैं। यही कारण है कि अतिक्रमण नहीं हट पा रहा है। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में सेक्टर तीन वासी शुगन चंद के आरोपों पर राज्यमंत्री कर्णदेव कांबोज ने जवाब मांगा। लेकिन हुडा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कई अन्य लोगों ने भी हुडा अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तो राज्यमंत्री ने तत्काल ही आश्वासन दिया कि हुडा अधिकारी सही काम नहीं कर रहे हैं तो तबादला करवा देते हैं। उन्होंने अतिक्रमण को लेकर अदालत में विचाराधीन मामले में सुनवाई पूरी होने तक पीड़ित को इंतजार करने को भी कहा। बता दें कि 26 जून को भी पंचायत भवन में ही आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी यही मामला प्रमुखता से उठाया गया था।
वीरवार को समिति की बैठक में एजेंडे अनुसार रखी गई 17 शिकायतों में से 12 शिकायतों का किया मौके पर ही निपटारा किया गया। बैठक में जीसीएस, एचआर सोलयूशन लिमिटेड की ओर से शिकायत दी कि स्टार्ट अप इंडिया के तहत उन्हें अपना कारोबार स्थापित करने के लिए लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन केस रिजेक्ट कर दिया गया। मंत्री ने उपनिदेशक जिला उद्योग केंद्र, एलडीएम तथा एसडीएम को निर्देश दिए कि वे प्रार्थी का उनकी मांग के अनुसार कम से कम 10 लाख तक लोन आवश्य करवाएं ताकि वह अपना कारोबार शुरू कर सके और सरकार की स्कीम की भी भली भांति फलीभूत हो सके। बैठक में थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, लाडवा के विधायक डा.पवन सैनी, बीजेपी के जिला अध्यक्ष धर्मबीर मिर्जापुर, जिला परिषद के अध्यक्ष गुरदयाल सिंह सुनहेडी व अधिकारी मौजूद रहे।
पहुंचाएं बिजली, भले ही नई लाइन बिछानी पड़े
गांव कमौदा वासी मलकीत सिंह व अन्य ने शिकायत की कि वे अमृतसरिया फार्म डेरा बाजीगर में रहते हैं। डेरे में 35 से 40 घर हैं, बिजली की लाइन तो जुडी हुई है, लेकिन डेरे में बिजली चार या पांच घंटे ही आती है। इस पर मंत्री ने कहा कि घरों में लाईट अवश्य पहुंचनी चाहिए चाहे इसके लिए अन्य बिजली की लाईन भी बिछानी पड़े।
सर्टिफिकेट बनवाना है तो लाएं नोटिफिकेशन की प्रति
बैठक में सीएम विंडों से संबंधित शिकायत रखते हुए रामकुमार ने कहा कि उसका नाम गरीबी रेखा की सूचि में दर्ज है और शेरगिर जाति से संबध रखता है तथा उनका पेशा शोरा निकालना है। इसलिए सरकार द्वारा जारी पिछड़ी जाति की सूचि के अनुसार सर्टीफिकेट बनवाया जाए। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि वे इस विषय को लेकर नोटीफिकेशन की कॉपी लाएं, ताकि संबंधित का जाति प्रमाण पत्र बनवाया जा सके।
अधिकारी बोले, रिश्वत की झूठी दी शिकायत तो मंत्री ने दिए एफआईआर के आदेश
बैठक में सोहन लाल ने शिकायत की कि उसने पटवारी और कानूनगो को निशानदेही इत्यादि का कार्य कराने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत दी थी। उन्होंने कार्य सही नहीं किया। तहसीलदार थानेसर ंने बताया किशिकायत झूठी है। मंत्री ने कहा कि मामला झूठा है तो एफिडेविट लिया जाए और शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए। वहीं शिकायतकर्ता रमेश कुमार ने कहा कि इस्कॉन मिड-डे-मील द्वारा स्कूल परिसर में खाना ले जाने हेतु जिन गाड़ियों का प्रयोग किया जाता है। उनकी हालत ठीक नहीं है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि उन्हें नोटिस जारी किया जाए। वहीं लोक संपर्क विभाग में कार्यरत सूरजभान ने शिकायत की कि कोऑपरेटिव सोसायटी बैंक में मैनेजर सुरेंद्र डांगी ने नौकरी लगवाने के एवज में 84 हजार रुपये लिए थे, लेकिन न ही नौकरी लगवाई और न ही पैसे लौटाए। इस पर मंत्री ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को कहा कि संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया जाए।
फौजी के खेतों में नहीं लगेगा ट्यूबवेल, नहीं मिली अनुमति
गांव सारसा वासी फौजी वीरेंद्र सिंह के खेतों में ट्यूबवेल नहीं लग पाएगा। इसके लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड ने भी अनुमति देने से इनकार कर दिया है। वीरेंद्र सिंह के पिता अजैब सिंह की ओर से ट्यूबवेल के कनेक्शन के संबंध में दी शिकायत पर डीडीपीओ कपिल कुमार ने राज्यमंत्री को जानकारी दी। उन्होंने एसडीएम पिहोवा पूजा चांवरिया को संबंधित पक्षों के पुलिस व अदालत में चल रहे मामले में एफआईआर में लिखित नामों के जांच करने के निर्देश दिए तथा कहा कि आपसी भाईचारे से दोनों पार्टियों का समझौता करवाकर कम से कम सिंचाई के लिए तो पानी अवश्य दिलवाया जाए।
नगर परिषद से 27 आरटीआई मांगने का मामला सामने आया तो सभी विभागों से मांगा ब्योरा
पिछले माह के लंबित एक मामले में शिकायतकर्ता दीपक कुमार बैठक में उपस्थित नहीं हुआ, लेकिन नगर परिषद ईओ बीएन भारती ने बताया कि शिकायतकर्ता आरटीआई एक्टिविस्ट है और नगर परिषद में ही 27 आरटीआई लगाई हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि शिकायतकर्ता का पूरा ब्योरा हासिल करें कि उन्होंने किस विभाग में अब तक कितनी आरटीआई लगाई हैं। डीसी डॉ. एसएस फुलिया ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाई गई आरटीआई का ब्योरा एकत्रित करें और अगली मीटिंग से पहले प्रस्तुत करें।
अचानक पहुंचे राजकुमार सैनी तो सभी रह गए हैरान
बैठक में उपस्थित राज्यमंत्री से लेकर अधिकारी भी उस समय हैरान रह गए जब अचानक ही बैठक के बीच सांसद राजकुमार सैनी पहुंच गए। हालांकि इस दौरान उन्होंने कोई संबोधन नहीं किया, लेकिन वे बैठक की कार्रवाई गंभीरता से देखते रहे। बता दें कि लंबे समय के बाद ही वे इस बैठक में शामिल हुए।