सामूहिक विवाह समारोह में 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गीता जयंती समारोह के दौरान जयराम विद्यापीठ में मंगलवार को सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इसमें 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इन सभी को राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, जूनापीठाधीशवर स्वामी अवधेशानंद और ब्रह्मस्वरूप ब्रह्चारी ने आशीर्वाद दिया। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि अभाव ग्रस्त और मुख्य धारा से कटे हुए लोगों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए जयराम संस्थान सदैव तैयार है।
उन्होंने बताया कि ऋषिकेश, हरिद्वार, कुरुक्षेत्र, दिल्ली और देश के अन्य स्थानों पर जयराम संस्थान इसी सेवा भाव से लोगों के साथ जुड़ी हुई है। अब तक इस संस्थान में 2121 शादियां कराई जा चुकी हैं। उन्होंने इस कार्य में विशेष भूमिका निभाने वाले श्रीमती साराबाई ट्रस्ट के प्रतिनिधि रामलाल गोयल की भी प्रशंसा की। कहा कि हमें अपनी सेवा भावना एकीकृत भावों से करनी चाहिए। इसमें असत्य और भ्रष्टाचार नहीं होना चाहिए। क्योंकि, जहां सेवा भाव सही होगा, वहां पारदर्शिता बनी रहेगी। उन्होंने सेवा भाव के लिए लोगों से अपील की कि वे नि:स्वार्थ भाव से ऐसे संस्थानों से जुड़ें। जूनापीठाधीशवर अवधेशानंद महाराज ने कहा कि जयराम संस्थान साहित्य संस्कार और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अमिट पहचान बनाए हुए है। इसके साथ-साथ औषधियों के लिए भी इस संस्थान का सेवा भाव वृहद है। मठों से सेवा भाव निकलकर सामाजिक समरस्ता की ओर आ रहा है, यह एक अनुकरणीय कार्य है। मठों में उपासना, यज्ञ, हवन आदि होते थे। आज समाज के गरीब तबकों, उपेक्षित, प्रताड़ित लोगों के लिए भी कार्य किया जा रहा है। जयराम संस्था के संचालक ब्रह्मस्वरूप ब्रह्चारी ने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि गीता हर व्यक्ति के जीवन में निखार लाए। गत दिवस जयराम विद्यापीठ में 58 स्कूलों के 16 हजार बच्चों ने गीता के श्लोकों का उच्चारण किया था। हर स्कूल के पाठ्यक्रम में गीता को शामिल किया जाना जरूरी है। जो अपने जीवन में गीता को उतार लेगा वह कभी हार नहीं सकता। इस मौके पर मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी, सेवानिवृत्त आईएएस आरआर बासवाल, उपायुक्त सुमेधा कटारिया, समाज सेवा में अग्रणी श्रीमती सारादेवी ट्रस्ट के पदाधिकारियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया।