अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
लाखों विद्यार्थियों की परीक्षा लेने वाली कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी का तीन दिन का इम्तिहान नैक की टीम के समक्ष बुधवार को पूरा गया, मगर अब बेचैनी से परिणाम का इंतजार है। हालांकि केयू सामने परीक्षा की यह घड़ी लंबे अर्से के बाद आई थी, क्योंकि हर पांच साल बाद होने वाली नैक की विजिट केयू में करीब एक दशक बाद हुई है। इससे पहले 2008 में केयू ने ए ग्रेड हासिल करने के लिए यह परीक्षा दी थी,जिसके बाद पांच साल के लिए 2009 में केयू को ए ग्रेड मिला था, लेकिन 2014 के शुरू होते ही यह ग्रेड छिन गया और दुबारा ग्रेड के लिये केयू को जिस प्रक्रिया को अपनाना था वह अधर में लटकी रही, लेकिन करीब डेढ़ साल पहले डा. कैलाश चंद्र शर्मा ने केयू में कुलपति का कार्यभार संभालने के कुछ समय बाद ही इस दिशा में कदम उठाया था। इसी के बाद केयू के मूल्यांकन के लिये नैक की टीम दो दिन पहले कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी पहुंची थी।
केयू प्रशासन को उम्मीद है कि नैक की टीम के समक्ष तीन दिवसीय परफॉरमेंस के आधार पर यूनिवर्सिटी को पहले से बेहतर ग्रेड मिल सकता है, यानी केयू इस बार ए ग्रेड से नहीं, बल्कि ए प्लस ग्रेड की आस लगाये हुए है, जिसका परिणाम एक महीने के भीतर आ सकता है। इधर मूल्यांकन के अंतिम दिन टीम के सदस्यों ने केयू के प्रशासनिक ब्लॉक में स्थित कमेटी रूम में विश्वविद्यालय की नैक कमेटी के साथ अंतिम बैठक की।
इस बैठक के साथ ही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने मूल्यांकन के लिए नैक की टीम के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया। तीन दिवसीय मूल्यांकन के दौरान टीम के सदस्यों ने विश्वविद्यालयों के विभिन्न विभागों, लैब, पुस्तकालय, संस्थान, हॉस्टल, कैंटीन सहित छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली सुविधाओं का मूल्यांकन किया। अपने मूल्यांकन के दौरान टीम के सदस्यों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रहे अनुसंधान, शिक्षण, संसाधन व छात्र-छात्राओं को दी जा रही सुविधाओं की तारीफ की। टीम के सदस्यों में मुख्य रूप से प्रो. डीआर रेड्डी, डॉ. एनके जैन, डॉ. अनुपम दीक्षित, डॉ. बीआर परिधा, डॉ. संजीव सोनावने, डॉ. राजकुमार हंस, डॉ. सुब्बाराव, डॉ. परितोष बंसल टीम के सदस्य के रूप में विश्वविद्यालय पहुुंचे।