राजेश शांडिल्य
कुरुक्षेत्र।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की धर्मपत्नी सोनल बेन शाह ने धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में वीरवार को शक्ति और शिव की विधिवत आराधना की। सोनल शाह पिछले 10 माह के भीतर दूसरी बार मां भद्रकाली शक्तिपीठ और आदि तीर्थ स्थाणु महादेव मंदिर में पहुंचीं थीं। इससे पहले सोनल शाह अपने पति के 52वें जन्मदिन पर 22 अक्तूबर 2016 मां भद्रकाली शक्तिपीठ और स्थाणु तीर्थ पर पूजा करने पहुंचीं थीं, जबकि दूसरी बार उन्होंने कुरुक्षेत्र के इन दोनों धर्मस्थलों पर तब पूजा की जब गुजरात राज्यसभा की सेफ सीट से अमित शाह की नई संसदीय पारी की शुुरुआत पांच दिन बाद होगी।
अमूमन शक्तिपीठ में मनोकामना पूर्ण होने के लिए घोड़े चढ़ाने की परंपरा है। महाभारत युद्ध में जीत से पहले भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों सहित धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के जिन दो मंदिरों में शिव और शक्ति की आराधना की थी, उनमें श्रीदेवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ और स्थाणु महादेव तीर्थ शामिल हैं। इनमें श्रीकृष्ण और पांडवों ने जीत के पश्चात शक्तिपीठ में घोड़े चढ़ाए थे। इसके बाद से यहां ये परंपरा सदियों से निभाई जा रही है। इसी परंपरा को अमित शाह की धर्मपत्नी ने भी चीनी मिट्टी के घोड़े चढ़ाकर निभाया। हालांकि यह घोड़े किस मनोकामना पूर्ति पर चढ़ाये इसकी तो उन्होंने जानकारी नहीं दी, लेकिन इतना जरूर कहा कि मां भद्रकाली शक्तिपीठ आस्था और शक्ति का पवित्र स्थल हैं। इस स्थल पर पूजा-अर्चना करना सौभाग्य की बात हैं। इस पवित्र स्थल पर बार-बार आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द ही फिर मां भद्रकाली के दर्शन के लिए कुरुक्षेत्र आएंगी।
------------------------------------
पीठाध्यक्ष ने दिया स्मृति चिह्न
पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा और वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा कराए गए पूजा पाठ के पश्चात सोनल बेन शाह ने पौराणिक और ऐतिहासिक देवीकूप पर चीनी मिट्टी के घोड़े चढ़ाए। इस दौरान उनके साथ विधायक सुभाष सुधा, हरियाणा महिला आयोग की चेयरमैन प्रतिभा सुमन, नगर परिषद की अध्यक्षा उमा सुधा, भाजपा युवा नेता साहिल सुधा भी मौजूद रहे। पूजा के उपरांत पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने सोनल बेन शाह को स्मृति चिह्न और मां भद्रकाली का प्रसाद भेंट किया।
---------------------------------------
शक्तिपीठ आकर सुकून मिला
मां भद्रकाली मंदिर का अवलोकन करने और पूजा-अर्चना करने के बाद सोनल बेन शाह ने शक्तिपीठ विजिटर रजिस्टर में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शक्तिपीठ में आकर बहुत ही सुकून मिला। मंदिर में बहुत ही आस्था मिली और मंदिर में बहुत ही शक्ति हैं। अगली बार कुरुक्षेत्र आने पर मां भद्रकाली शक्तिपीठ के दर्शन करने जरूर आऊंगी।
--------------------------------------
किसी श्रद्धालु को रोका न जाए
सोनल बेन शाह जब लावलश्कर के साथ धर्मस्थलों पर पूजा अर्चना करने पहुंचीं तो इस दौरान उन्होंने प्रबंधकों को साफ शब्दों में कहा कि उनके कारण किसी श्रद्धालुओं को पूजा करने से न रोका जाए, यानी रूटीन व्यवस्था को ही जारी रखा जाए। उन्होंने शक्तिपीठ के बाद स्थाणेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-पाठ किया। इसके बाद गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर, गीता धाम कुरुक्षेत्र, पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र, ब्रह्मसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग एवं ब्रह्मसरोवर प्रोजेक्ट का अवलोकन किया।