फोटो न. 23 से 27
यूनिवर्सिटी का कामकाज रहा ठप
- कुंटिया की हड़ताल से यूनिवर्सिटी के अधिकतर कार्यालय पर नहीं दिखा कोई कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में कुुंटिया की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान यूनिवर्सिटी का कामकाज ठप रहा। दूर दराज क्षेत्रों से आए छात्र व अभिभावक हड़ताल के चलते परेशान रहे और काम को पूरा कराने के लिए इधर-उधर भटकते रहे। इस मौके पर कुछ कर्मी तो अपने-अपने कार्यालयों से नदारद रहे, लेकिन अपने निजी कार्यों में व्यस्त रहे। कही पर ब्रांच कर्मचारी गुफ्तगू करते दिखाई दिए।
कुंटिया की हड़ताल के चलते शुक्रवार को छात्र भी एकजुट दिखाई दिए और परेशानी पर रोष व्यक्त किया। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी स्टूडेंट एसोसिएशन के छात्र नेता विकास बलाही के नेतृत्व में छात्रों ने मांग की कि दाखिले के बाद छात्रों को अभी तक हॉस्टल सुविधा भी नहीं मिल पाई है। इसके चलते उन्हें धर्मशालाओं आदि का ही सहारा लेना पड़ रहा है। इस दौरान नरवीर बूरा, अजय श्योकंद, अमन नैन, निखिल, अक्षय हथिरा, सूरज मढान, सुखा बलाही, विक्रम छात्तर, नवीन, अनुज व राहुल बाजवा भी उपस्थित रहे।
जींद से पहुंची मुक्ति रही परेशान
जींद निवासी मुक्ति अल सुबह ही पहली ट्रेन से केयू में अपनी बेटी का एम कॉम फार्म का जमा करवाने पहुंची थी। यहां पहुंचने पर पता चला कि हड़ताल के चलते कोई काम नहीं होगा। जहां पर फार्म जमा करवाना था वहां के एक काम कर रहे अधिकारी ने कहा कि फार्म का सत्यापन करना जरूरी है तो पीआरओ कार्यालय आई थी यहां भी कार्यालय नहीं खुला पाया।
स्थायी कर्मी रहे गायब, डेलीवेजेज ने बहाया पसीना
हड़ताल के चलते जहां मोटी तनख्वाह व अन्य सुविधाएं ले रहे स्थायी कर्मी रहे गायब, वहीं डेलीवेजेज कर्मचारी अपने-अपने कार्य करते नजर आए। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मी ने बताया कि पेट पालना है। काम नहीं करेंगे तो आज का पैसा नहीं मिलेगा।
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24 जुलाई को होने वाली विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी की बैठक में 7वें वेतन आयोग को लागू करने में विश्वविद्यालय प्रशासन अगर कोई और शर्त लगाता है तो कुंटिया का संघर्ष और तेज होगा और इसकी जिम्मेवारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। विश्वविद्यालय के सभी कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा।
- दीपक शर्मा, महासचिव कुंटिया
डुप्लीकेट डीएमसी बनवाने के लिए आया था
छात्र सावन ने बताया कि यूनिवर्सिटी में बीए की डुप्लीकेट डीएमसी बनाने के लिए आया था। यहां आकर पता चला कि हड़ताल है । कुछ छात्र यहां फार्म जमा करवाने के लिए भी आए थे, लेकिन उनको भी खाली हाथ लौटना पड़ा।